पंचायत चुनाव में नामांकन के अंतिम दिन विकास खंड
क्षेत्र के 96 ग्राम पंचायतों में प्रधान पद के लिए 801 और सदस्य पद के लिए
1380 प्रत्याशियों ने अपने नामांकन पत्र दाखिल किए। नामांकन पत्रों की
जांच का अंतिम दिन रविवार को होगी। 23 नवंबर को दोपहर तीन बजे तक नाम वापसी
और उसके बाद चुनाव चिन्हों का आवंटन किया जाएगा।
शुक्रवार को पंचायत
चुनाव नामांकन के अंतिम दिन प्रत्याशियों की उमड़ी भीड़ से ब्लाक मुख्यालय
पर देर रात तक प्रक्रिया चली थी। विकास खंड क्षेत्र में प्रधान पद के लिए
96 सीटें हैं। इनके लिए नामांकन प्रक्रिया समाप्त होने तक 801 प्रत्याशियों
ने नामांकन दाखिल किया, जबकि ग्राम पंचायत सदस्य पद के लिए 1184 सीटों के
लिए होने वाले चुनाव में 1380 प्रत्याशियों ने नामांकन किया है।
कई ऐसे
वार्ड हैं जिनमें सिर्फ एक-एक प्रत्याशियों द्वारा नामांकन किया गया है।
ऐसे में जांच के बाद सब कुछ सही पाया जाता है तो उनका निर्विरोध निर्वाचन
लगभग तय है। शनिवार को निर्वाचन अधिकारी जीसी यादव और बीडीओ अनिल कुमार की
देखरेख में नामांकन पत्रों की जांच का कार्य शुरू हुआ।
अधिकारियों ने
बताया कि पर्चों की जांच का कार्य रविवार को भी शाम चार बजे तक किया जाएगा।
अगले दिन 23 नवंबर को दोपहर तीन बजे तक नाम वापसी ली जा सकती है। उसके बाद
प्रत्याशियों को चुनाव चिन्ह आवंटित कर दिए जाएंगे। उधर, प्रधान पद के
प्रत्याशी को क्षेत्र पंचायत का नोड्यूज नहीं देने का मामला तूल पकड़ता जा
रहा है।
बहादुरपुर के विनोद यादव एडवोकेट असालताबाद से प्रधान पद के
प्रत्याशी हैं। उन्हें क्षेत्र पंचायत के नोड्यूज को पाने को मशक्कत करनी
पड़ रही है। हालांकि, उन्होंने नामांकन दाखिल कर दिया है। शनिवार को
नामांकन पत्रों की जांच के दौरान वह अपने वकील अवनींद्र यादव, चंद्रजीत
यादव, सुशील पांडेय आदि के साथ विकास खंड कार्यालय पहुंचे।
उन्होंने
बीडीओ अनिल कुमार से नोड्यूज देने की बात कही। बीडीओ ने वर्ष 05 के
कार्यकाल के दौरान तत्कालीन प्रधान विनोद यादव के खिलाफ लाखों के गबन की
लिखाई गई रिपोर्ट का हवाला देते हुए नोड्यूज नहीं देने की बात कही। वकीलों
का तर्क था अभी मामला कोर्ट में विचाराधीन है।
दोष सिद्ध नहीं हुआ है। ऐसे
में वह क्षेत्र पंचायत के न तो बकाएदार हैं और न ही उन पर गबन का कोई मामला
बनता है। बीडीओ ने कहा कि उन्होंने इस बाबत निर्वाचन अफसरों को लिखकर दे
दिया है। कोई भी निर्णय लेने का अधिकार अब निर्वाचन अधिकारी के पास है।
इसके बाद वह लोग निर्वाचन अधिकारी जीसी यादव के पास पहुंचे। उन्होंने
सुनवाई के लिए रविवार को समय निर्धारित किया है। प्रत्याशी विनोद यादव
का कहना है कि पिछले महीने हुए क्षेत्र पंचायत के चुनाव में वह बीडीसी का
चुनाव लड़ेे थे तब उन्हें विकास खंड कार्यालय द्वारा नोड्यूज जारी किया गया
था, पर इसके बाद राजनैतिक दबाव से उन्हें नोड्यूज देने पर रोक लगा दी गई
है। वह इस मामले को अफसरों तक पहुंचाएंगे।