कन्नौज। कृत्रिम गर्भाधान से गायों से केवल बछिया को जन्म देने वाली योजना का प्रचार प्रसार न होने से पशुपालक इसका लाभ नहीं उठा पा रहे हैं। जिले मेें प्रजनन क्षमता वाली 62 हजार गाय हैं लेकिन चार महीने में केवल 117 गायों को ही सेक्स सॉर्टेड सीमेन के तहत गर्भवती कराया गया है।
पशुचिकित्सा विभाग की सेक्स सॉर्टेड सीमेन (गोवंशीय पशुओं में वर्गीकृत वीर्य का प्रयोग) योजना में कृत्रिम गर्भाधान से गायों को गर्भवती किया जाता है। जिसमें बछियों के ही जन्म देने का दावा है। गर्भाधान के लिए पशुपालकों से प्रति गाय 300 रुपये लिए जाते हैं। उप मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डा. संजय शाल्या ने बताया कि प्रदेश में एबीएस संस्था से सेक्स सॉर्टेड सीमेन मुहैया कराने का अनुबंध हुआ है। संस्था की ओर 1500 रुपये में सीमेन दिया जाता है।
1200 रुपये सरकार अनुदान दे रही है। जिले में 2.37 लाख गोवंश हैं, जिसमें करीब 62 हजार गाय प्रजनन योग्य हैं। इन गायों को सेक्स सॉर्टेड सीमेन से गर्भवती करने का खाका पशु चिकित्सा विभाग ने तैयार किया है। योजना इसी साल फरवरी में शुरू की गई है। पांच महीने में केवल 117 गायों को ही गर्भवती कराया गया है। गर्भवती गायें बछिया के जन्म देने के बाद 15 से 20 लीटर दूध देंगी।
स्वेदशी नस्लों पर जोर, शानदार है साहीवाल
कृत्रिम गर्भाधान में स्वदेशी नस्ल की बछिया पैदा करने पर जोर रहेगा। साहीवाल, बादल, थारपारकर, हरियाणा, रेड सिंधी प्रजाति के स्वदेशी सांड के सिमेन का प्रयोग किया जा रहा है। सबसे बेहतर साहीवाल सांड का सिमेन है। राजस्थान, मथुरा, हाथरस और आगरा जैसे इलाकों में साहीवाल प्रजाति की गाय 25 से 30 लीटर दूध दे रही हैं।
इन पशु चिकित्सालय में कृत्रिम गर्भाधान की सुविधा
पशु चिकित्सालय उमर्दा, अलमापुर, खामा, जिदापुर्वा, तिर्वा, हसेरन, इंदरगढ़, कन्नौज, जलालाबाद, सौरिख, खड़िनी, डिडौनी, तालग्राम, गुरसहायगंज, निजामपुर, छिबरामऊ, गढ़िया मेराज, विशुनगढ़, सराय प्रयाग समेत 15 पशु सेवा केंद्र पर सेक्स सॉर्डेट सिमेन की व्यवस्था है।