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57 काश्तकारों में आठ ने लौटाया मुआवजे का पैसा

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नोटिस भेजने को लेकर चर्चा करते तहसीलदार व नायब तहसीलदार। - फोटो : KANNAUJ
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तिर्वा(कन्नौज)। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे निर्माण में अधिग्रहण की गई भूमि में 57 काश्तकारों ने कम दर की जमीन को अधिक दर्शाकर चार गुना मुआवजा ले लिया। जांच के बाद यूपीडा ने तहसील प्रशासन को मुआवजा की ज्यादा रकम जमा कराने के निर्देश दिए थे। तहसील प्रशासन ने सभी काश्तकारों को नोटिस भेज दिया था। इन्हें तीन दिन का समय दिया गया था। अभी तक 57 काश्तकारों में से आठ ने ही रकम जमा की है। बाकी को तहसील प्रशासन दोबारा नोटिस भेजेगा।
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आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे के निर्माण की प्रक्रिया 2014 में शुरू हुई थी। तहसील क्षेत्र के करीब 2700 काश्तकारों की भूमि का अधिग्रहण किया गया था। यूपीडा ने 2014 से बैनामे कराने शुरू किए। कईकाश्तकारों ने लेखपाल व अधिकारियों से साठगांठ कर सामान्य भूमि को सड़क पर दर्शाकर अधिक दर से मुआवजा ले लिया। प्रदेश में सत्ता बदलते ही यूपीडा ने एक्सप्रेसवे के लिए ली गई जमीन की जांच शुरू की। यूपीडा ने बैनामों के आधार पर जमीन का स्थलीय निरीक्षण किया।
तहसील क्षेत्र के पिपरौली, बस्ता, सत्सार, भुन्ना, बलनापुर, पट्टी गांव में करीब 57 काश्तकारों के ज्यादा कीमत पर मुआवजा लेने का मामला सामने आया। इस पर यूपीडा ने 57 किसानों से करीब एक करोड़ से अधिक धनराशि की वसूली के तहसील प्रशासन को निर्देश दिए। तहसील प्रशासन ने अगस्त माह में 57 काश्तकारों को मुआवजे में ली गई अधिक धनराशि को वापस करने के लिए नोटिस जारी कर दिए। काश्तकारों को पैसा जमा करने के लिए तीन दिन का समय दिया था। दो माह में 57 काश्तकारों में से आठ ने मुआवजे में ली गई अधिक धनराशि को तहसील प्रशासन के पास जमा कर दिया।
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अब तहसील प्रशासन बकाया काश्तकारों को दोबारा नोटिस भेजेगा। तहसीलदार विशेश्वर सिंह ने बताया कि जिन काश्तकारों ने अभी तक रुपये जमा नहीं किए, उन्हें दोबारा नोटिस भेजा जाएगा।
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