स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के चलते रौरा गांव संक्रमण की चपेट में है। गांव में 50 लोग उल्टी, दस्त, सिर दर्द और तेज बुखार से पीड़ित हैं। गांव में गंदगी के कारण फैल रही बीमारियों पर अंकुश लगता न देख ग्रामीणों में स्वास्थ्य विभाग के प्रति नाराजगी है। बीमारी से बचने के लिए लोग झोलाछाप से इलाज कराने को मजबूर हैं। ग्राम प्रधान ने गांव में तत्काल स्वास्थ्य टीम भेजे जाने की मांग की है।
तालग्राम विकास खंड के ग्राम पंचायत रौरा में 15 दिन से संक्रमण फैला हुआ है। गांव में रोजाना मरीज बढ़ते जा रहे हैं। ग्रामीण प्रेमसिंह, उपेंद्र सिंह, अजीत कुमार, शिवम, रावेंद्र सिंह, धीर सिंह, अनिल कुमार, अंकित, देवा, कुशवीर, आदि का कहना है कि 50 लोग बीमार हैं। गांव में गंदगी फैली है। सफाई कर्मचारी मुकेश पाल की तैनाती है, लेकिन वह अधिकारियों के पास ड्यूटी करता है।
ग्राम प्रधान अवधेश चतुर्वेदी ने बताया कि सफाई कर्मचारी को कई बार भेजे जाने की मांग की गई कई लेकिन वह गांव नहीं आया। जिससे चलते गांव में संक्रमण फैला है। इसी बात से नाराज ग्रामीणों ने जमकर हंगामा किया और डीपीआरओ व स्वास्थ्य विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया है।
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यह है बीमारों की सूची
सियादेवी (03), सुंदरी (07) पुत्रीगण शिवानंद, अर्जुन (11) पुत्र शिवानंद, ज्योति देवी (04) शिवानंद, शिवरानी (32) पत्नी शिवानंद, शिवानंद (33), रुचि (13) पुत्री गिरीश चंद्र, देवकी (40) पत्नी गिरीश चंद्र, आकाश (35) पुत्र रामवीर, गुड़िया (15) पुत्री रामवीर, मुन्नी देवी (30) पत्नी बेंचेलाल, संतोषी (14) पुत्री गिरीश चंद्र, शिवानी (08) पुत्री सुरेश चंद्र आदि बीमार हैं।
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स्वास्थ्य विभाग की अनदेखी के चलते संक्रामक रोग गांव में फैल गया है। दो दिन पूर्व आधा घंटे के लिए स्वास्थ्य विभाग के दो कर्मचारी आए थे। प्राथमिक स्कूल में रुके और लौट गए। जिला मुख्यालय से स्वास्थ्य विभाग को गांव टीम भेजनी चाहिए, जिससे बीमारों को इलाज मिल सके। - अवधेश चतुर्वेदी (ग्राम प्रधान)
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दो दिन पूर्व स्वास्थ्य विभाग की टीम डा. तरुण गुप्ता के नेतृत्व में गांव भेजी गई थी। जिसने गांव में दवाएं बांटी थी। गांव में दोबारा बीमारी बढ़ी है। इसकी जांच कराई जा रही है। शीघ्र ही स्वास्थ्य टीम वह गांव भेजी जाएगी। - डा. मोहम्मद इरशाद (एमओआईसी, तालग्राम)