पंचायत चुनाव की तीसरा चरण निपटने के बाद प्रशासन ने 13 दिसंबर को ग्राम
प्रधान व ग्राम सदस्य पद के वोटों की गिनती के लिए मतगणना की तैयारियों की
रूपरेखा भी अब बनानी शुरू कर दी है। मतगणना में करीब 4500 कर्मचारियों की
ड्यूटी दो पालियों में लगाई जाएगी।
हालांकि, कर्मचारियों की कमी को देखते
हुए इंटर कालेजों के प्रधानाचार्यों की भी ड्यूटी लगने की उम्मीद जताई जा
रही है। सीडीओ कार्यालय में रविवार को हुई बैठक
में मतगणना की रूपरेखा तैयार की गई। सीडीओ उदयराज यादव ने बताया कि 10
दिसंबर को ब्लाक कन्नौज, जलालाबाद, सौरिख, छिबरामऊ एवं 11 को तालग्राम,
गुगरापुर, हसेरन व उमर्दा में लगने वाली मतगणना पार्टियों का प्रशिक्षण
मंडी समिति में आयोजित होगा।
सीडीओ ने बताया कि मतगणना पार्टियों की ड्यूटी
सुबह आठ बजे से रात्रि आठ तक व दूसरी पाली की रात्रि आठ से सुबह आठ बजे तक
रहेगी। जिन न्याय पंचायतों में 15 बूथ हैं, वहां पर तीन व जिनमें 15 बूथ
से अधिक हैं, वहां छह टेबल मतगणना के लिए लगाई जाएंगी।
उन्होंने कहा कि 504
ग्राम पंचायतों में ग्राम प्रधान व सदस्य पद के लिए चुनाव हुए हैं। इस
कारण बड़ी संख्या में मतगणना कर्मियों की ड्यूटी लगाई जाएगी। कर्मचारियों
की कमी की वजह से इंटर कालेजों के प्रधानाचार्यों की भी जरूरत पड़ सकती है।
उनकी
भी ड्यूटी लगने की उम्मीद है। इस मौके पर पीडब्ल्यूडी एक्सईएन एनसी टंडन,
सहायक पंचायत निर्वाचन अधिकारी विनीत कटियार, अरविंद पांडेय, मत्स्य
अधिकारी जीसी यादव सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी मौजूद थे। उधर, हसेरन और
उमर्दा ब्लाक में चौथे चरण के मतदान को लेकर मंडी समिति में पोलिंग
पार्टियों को प्रशिक्षण दिया गया।
इस दौरान उनको चुनाव से संबंधित सामग्री
वितरित की गई। साथ ही पोलिंग पार्टियों को निर्देश दिए गए कि उनको चुनाव से
संबंधित दी गई पुस्तिका को अवश्य रूप से पढ़ लें, ताकि चुनाव में किसी तरह
की गड़बड़ी न होने पाए। सीडीओ ने कहा कि तीन चरणों का चुनाव लगभग सकुशल
निपटा है।
आखिरी चरण का चुनाव हसेरन एवं उमर्दा ब्लाक में है। पोलिंग
पार्टी निर्भीक होकर चुनाव ड्यूटी करें। उन्होंने कहा कि तीन चरणों के
चुनाव में नाबालिग बच्चों की वोटिंग एवं फर्जी वोटर आईडी की तमाम जगहों से
शिकायत आई, जिसके बाद उनमें एक्शन लिया गया।
पोलिंग पार्टी को निर्देश दिए
कि वोटिंग के लिए आने वाले मतदाता जो भी विकल्प लेकर आ रहे हैं, उनको विशेष
रूप से देखा जाए। कहा कि जरा सी ढिलाई बरतने पर बवाल की आशंका रहती है।
प्रशिक्षण के दौरान एनसी टंडन समेत अन्य अधिकारी मौजूद थे।