कन्नौज। जनपद के सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों की भारी कमी है। यहां 42 डॉक्टरों के पद खाली पड़े हैं, जिससे मरीजों को बेहतर इलाज नहीं मिल पा रहा है। उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद उच्च केंद्रों पर रेफर कर दिया जाता है।
स्वास्थ्य विभाग के दावों के विपरीत, स्वास्थ्य केंद्रों पर मरीजों का इलाज केवल औपचारिकता बनकर रह गया है। जनपद में कुल 138 डॉक्टरों की तैनाती होनी चाहिए। इनमें 89 नियमित और 49 संविदा के डॉक्टर शामिल हैं। हालांकि, वर्तमान में केवल 96 डॉक्टर ही तैनात हैं। इस कमी के कारण मरीजों को अक्सर रेफर पर्ची थमा दी जाती है। इत्रनगरी की करीब 20 लाख 44 हजार आबादी है। इसके लिए राजकीय मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल, सौ शैय्या अस्पताल, नौ सीएचसी और 36 पीएचसी संचालित हैं।
डॉक्टरों की कमी के कारण मरीजों को समय पर और पूरा इलाज नहीं मिल पाता है। उन्हें छोटे-मोटे इलाज के बाद बड़े अस्पतालों में भेजा जाता है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों को विशेष परेशानी का सामना करना पड़ता है। स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर भी इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।