कोटेदार की मनमानी पर भड़के गांव तोनी के ग्रामीण
छिबरामऊ। छिबरामऊ क्षेत्र में 39 गांवों में चकबंदी का मुद्दा उठाकर अमर उजाला ने इसे अंजाम तक पहुंचाने की ठान ली है। लगातार खबर प्रकाशित होने का ही असर है कि जिला प्रशासन ने शासन को चकबंदी कराने का प्रस्ताव भेजा है। जल्द ही चकबंदी का गजट जारी होने की उम्मीद है। सालों बाद निराशा में जी रहे किसानों को उम्मीद जगी है। 1980 में कन्नौज में चकबंदी शुरू हुई थी और 1990 में फूस बंगला फर्रुखाबाद में आग लगने के बाद सारे कागज जल गए। तब कन्नौज जिला नहीं था। 1997 में कन्नौज जिला बना। 1990 में कागज जलने के बाद कुछ गांव में तो अभिलेख तैयार हो गए मगर जिले के 39 गांव ऐसे थे जिनके अभिलेख आज तक तैयार नहीं हुए।
इस कारण यह किसान सरकारी मदद से दूर रहते हैं। 25 सालों से किसानों को आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिला। अमर उजाला ने इस मुद्दे को उठाया तो हड़कंप मच गया। कमिश्नर इफ्तखारुद्दीन ने मामले को संज्ञान में लिया और भू अभिलेख के लिए डीएम को पत्र लिखा। कमिश्नर के संज्ञान में लेने और अमर उजाला में जारी अभियान के बाद किसानों को भी उम्मीद जग गई थी। डीएम अनुज कुमार झा ने खुद पूरे मामले में पहल करके इन गांवों के प्रस्ताव तैयार कराए। पहले चरण में जिला प्रशासन ने 32 गांव में चकबंदी कराने का प्रस्ताव भेजा और दूसरे चरण में शेष सात गांवों का भी प्रस्ताव शासन को भेज दिया है। जिला प्रशासन द्वारा पहल करके शासन को प्रस्ताव भेजने के बाद किसानों की उम्मीदें जागीं हैं। बहुत जल्द ही इन गांवों में चकबंदी कराकर कागज बनाए जाने का आदेश आ जाएगा। इसके बाद चकबंदी का गजट निकालकर प्रक्रिया शुरू कराई जाएगी। सब कुछ अगर सही रहा तो चंद महीनों में इन सभी गांवों के भू अभिलेख तैयार हो जाएंगे।
25 सालों से किसान और वकील उठाते रहे है मांग
कागज जलने के बाद कई बार किसान कागज बनाने को लेकर मांग उठाते रहे हैं। जिला बनने के बाद वकीलों ने भी इस मुद्दे को उठाया। किसान और वकीलों के संगठन ने कागज बनाने को लेकर तमाम ज्ञापन दिए। इसके बाद वर्ष 2008 में रुकी हुई चकबंदी शुरू हुई तो तत्कालीन डीएम ने धारा 6 (1) का प्रकाशन करके पूरी प्रक्रिया को ही रद्द कर दिया। इसके बाद सबकी उम्मीदें टूट गई। इसके बाद पुन: चकबंदी की मांग होती रही मगर हुआ कुछ नहीं।
इन सभी गांवों में चकबंदी कराकर अभिलेख तैयार करने का प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है। चकबंदी आयुक्त के यहां पहले चरण में 10 गांव में चकबंदी कराने की तैयारी है। जल्द ही इसका आदेश आ जाएगा तब प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
अनुज कुमार झा, जिलाधिकारी - कन्नौज
चकबंदी कराने के लिए युद्धस्तर से काम किया गया है। बहुत जल्द ही आदेश आ जाएगा जिसका गजट जारी किया जाएगा। चकबंदी प्रक्रिया शुरू होने के बाद देखा जाएगा कि उस समय गांवों में किस स्तर तक चकबंदी हो गई थी, उसको ध्यान में रखा जाएगा।
प्रेमचंद द्विवेदी, बंदोबस्त अधिकारी,चकबंदी