फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kannauj News: अदमापुर में पशुचर की 45 बीघा भूमि में बने 32 मकान

विज्ञापन
विज्ञापन
छिबरामऊ। सात साल से चल रहे शौचालय के विवाद की जांच करने पहुंची टीम को गुरुवार को पशुचर की 45 बीघा जमीन पर 32 मकान बने मिले। पैमाइश के दौरान चकबंदी टीम, राजस्व टीम ग्राम प्रधान तथा शिकायतकर्ता भी मौजूद रही।
विज्ञापन


बरूआ सबलपुर क्षेत्र के ग्राम अदमापुर निवासी मंजू देवी ने थाना समाधान दिवस पर सीओ ओमकारनाथ शर्मा को शिकायत दर्ज कराई थी कि सरकार द्वारा उसे शौचालय दिया गया था, जिसका निर्माण भी हो चुका है। गांव के ही लोग सीट नहीं रखने दे रहे हैं। उक्त लोग पशुचर बंजर जमीन पर कब्जा किए हुए हैं। एसडीएम ज्ञानेंद्र कुमार द्विवेदी के आदेश पर कानूनगो घनश्याम त्रिपाठी, कानूनगो शिशुपाल, लेखपाल शैलेंद्र यादव, कालीचरन व श्रीकांत तथा राजस्व टीम की लेखपाल नैंसी ने मौके पर पहुंचे। नक्शे के आधार पर जमीन की पैमाइश की, जिसमें उक्त गाटा संख्या 1393 चार एकड़ पांच डिसमिल, गाटा संख्या 1401 में दो एकड़ तथा गाटा संख्या 1403 में दो एकड़ 2.66 जमीन लगभग 45 बीघा पशुचर निकली, जिस पर 18 मकान पक्के निर्मित थे तथा 14 मकान आधे अधूरे, झोपड़ीनुमा थे, जिस पर गांव के लोग कब्जा किए थे। पैमाइश के दौरान ग्राम प्रधान गिरंद सिंह शाक्य तथा शिकायतकर्ता मंजू यादव मौजूद रहीं। चकबंदी टीम के कानूनगो घनश्याम त्रिपाठी ने बताया कि इस रिपोर्ट को एसडीएम को सौंप दिया जाएगा।


ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम अदमापुर में जांच के दौरान निकली पशुचर जमीन में कई वर्षों से हमारे मकान बने हुए हैं। सैंकड़ों वर्ष पुराने मकानों को पशुचर भूमि बताना हम लोगों के लिए खुद ही आश्चर्यजनक है। 90 वर्षीय एक किसान ने बताया कि तीन पीढ़ी से उनका मकान बना हुआ है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें