ग्रामीणों के विरोध के चलते 24 गांवों में 16 घंटे से बत्ती गुल है। कबिरापुर गांव में करंट से युवक की मौत के बाद ग्रामीणों के गुस्से के चलते लाइनमैन तार जोड़ने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है। बिजली विभाग के अधिकारियों ने पूरे मामले की जानकारी उच्चाधिकारियों के दे दी है। वहीं, सब स्टेशन पर पुलिस भी तैनात कर दी गई है।
ग्रामीणों का आरोप है कि बिजली विभाग के जर्जर तारों से हादसे होते रहते हैं। कई बार शिकायत करने के बाद भी बिजली विभाग झूलते तारों को टाइट नहीं कर रहा है। जिससे हादसा हो गया है। ग्रामीणों के विरोध के चलते 16 घंटे से मलिकपुर, मोहाना, जहांगीरपुर, जोहरा खेड़ा, कडाहा, शंभुरा, बहादुरपुर, नवादा, परीक्षितपुर, सदरपुर, मिश्रापुर, जलालपुर, इब्राहिमपुर, निजामपुर, सराय प्रयाग, सूलनपुर समेत दो दर्जन से अधिक गांव अंधेरे में हैं।
कोट
कबिरापुर गांव में सुबह करंट से हुई घटना से लाइनमैन ने हाईटेंशन लाइन काट दी थी। ग्रामीणों में बिजली विभाग के प्रति आक्रोश था। इसी को देखते हुए लाइनमैन बिजली जोड़ने को तैयार नहीं है। उन्होंने उच्चाधिकारियों को सूचना दे दी है।
- रावेंद्र बाबू अग्निहोत्री (जेई, रामाश्राम)
करंट में आकर युवक की मौत
गुरसहायगंज। कबिरापुर निवासी रामपाल यादव का पुत्र प्रदीप यादव (32) गुरुवार की सुबह निजी नलकूप से खेत में पानी लगा रहा था। नलकूप के लिए रखे ट्रांसफार्मर पर हाईटेंशन लाइन का तार टूटकर गिर पड़ा, जिससे एलटी लाइन में करंट तेजी से प्रवाह होने लगा। इसकी जानकारी न होने के चलते प्रदीप यादव ने जब नलकूप बंद करने के लिए स्टार्टर पकड़ा, तभी चिपक गया और मौत हो गई। जानकारी मिलते ही आसपास खेतों में काम कर रहे लोगों ने रामाश्रम विद्युत उपकेंद्र में सूचना देकर बिजली आपूर्ति बंद कराई। मौके पर पहुंचे कोतवाल अमरपाल सिंह ने शव सील कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। इस ग्रामीणों ने रामाश्रम विद्युत उपकेंद्र जाकर पूरे सबस्टेशन से आपूर्ति बंद करा दी। इससे कई गांवों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। मामले की जानकारी पाकर नायब तहसीलदार छिबरामऊ अश्वनी कुमार मौके पर पहुंचे और पीड़ित के परिजनों को मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया।