बैंक में खाताधारकों का रिकार्ड अपडेट कर आयकर विभाग तक सीधे पहुंचाने के लिए प्रयोग किए गए साफ्टवेयर ने काम करना शुरू कर दिया है। सूत्रों की माने तो जिन लोगों ने नोटबंदी के बाद चार लाख रुपये से ज्यादा की रकम बैंकों में जमा की है। उन सभी के पास आटोमेटिक आनलाइन नोटिस पहुंच गए हैं। इसका जवाब देने के लिए लोग अपने सीए और अधिवक्ताओं से सलाह मशविरा भी कर रहे हैं।
नोटबंदी से पहले ही आयकर विभाग ने सभी बैंकों के ग्राहकों का खाता आनलाइन कराकर अपने साथ जोड़ लिया था। यह भी तय था कि यदि बैंक में चार लाख रुपये से ऊपर की धनराशि जमा की जाएगी तो आयकर विभाग ग्राहक से पूछताछ कर सकता है कि उनके पास पैसा कहां से आया।
आयकर विभाग के अधिकारियों का कहना है कि भेजे गए नोटिस का यदि संतोषजनक जवाब नहीं मिलता है तो इन सभी को दोबारा नोटिस भेजा जाएगा। किसी भी ग्राहक को कोई परेशानी न हो इसीलिए विभाग ने आनलाइन प्रक्रिया के तहत नोटिस भेजा है।
साफ्टवेयर से सीधे जारी नोटिस
ऐसे ग्राहक जिनके पास पैनकार्ड है और खाते में ज्यादा रकम जमा हुई है। साफ्टवेयर के जरिए उन लोगों को आनलाइन नोटिस जारी हो चुके हैं। जैसे ही पैन कार्ड धारक अपने पैन से लॉगिन करेगा, उसे तुरंत नोटिस नजर आएगा। आयकर विभाग ने जवाब देने की डेडलाइन भी नोटिसों के साथ ही जारी कर दी है।