कन्नौज। शिकायतों के निस्तारण में अधिकारियों की लापरवाही सामने आ गई है। पहली बार कई विभागों की 238 शिकायतें डिफाल्टर हो गईं हैं। निर्धारित समय में निस्तारण न होने की वजह से बुलाई गई समीक्षा बैठक में ही 16 लोग नहीं आए। इसमें आठ थाना प्रभारी और सीओ शामिल हैं। सभी से जवाब-तलब हुआ है।
शनिवार को एडीएम गजेंद्र कुमार ने जनपद में पहली बार 238 आईजीआरएस संदर्भों के डिफाल्टर होने पर नाराजगी जताई। संबंधित सभी अधिकारियों के साथ आपातकालीन बैठक की। थानाध्यक्ष सौरिख के 24, प्रभारी निरीक्षक कोतवाली छिबरामऊ के 15, तिर्वा के 10, थानाध्यक्ष ठठिया, प्रभारी निरीक्षक कोतवाली कन्नौज और थानाध्यक्ष इंदरगढ़ के चार-चार, थानाध्यक्ष विशुनगढ़ की तीन, सीओ तिर्वा, एडीओ छिबरामऊ, बीडीओ छिबरामऊ, डीआईओएस, बीडीओ जलालाबाद, अभिहित अधिकारी खाद्य सुरक्षा, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग निर्माण खंड, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद छिबरामऊ का एक प्रकरण लंबित पाया गया। इतना ही नहीं, यह लोग बैठक में अनुपस्थित रहे। सभी से स्पष्टीकरण भी मांगा गया है।
भट्टा व्यवसाइयों से मांगा सहयोग
एडीएम ने कलक्ट्रेट सभागार में भट्टा व्यवसाइयों के साथ बैठक की। उन्होंने गोशालाओं के लिए दान देने की बात कही। कहा, सभी के सहयोग व सेवा से गोशालाओं में अच्छे इंतजाम हो सकेंगे। भूसा दान में देने की बात भी कही।