जिले की 35 पेयजल योजनाओं का कार्य दिसंबर 2016 तक पूरा होना था, लेकिन विभाग की हीलाहवाली के चलते अभी सिर्फ 12 योजनाओं से ही पानी की धार निकल सकी है। बाकी 23 योजनाएं के हलक सूखे हैं। पानी की कई टंकियों के निर्माण कार्य 60 फीसदी ही पूरे हो पाए हैं। ऐसे में इस साल इन टंकियों से ग्रामीणों को पानी उपलब्ध कराना मुमकिन नहीं दिख रहा है।
तिलसरा पेयजल योजना के तहत पानी की टंकी अभी भी निर्माणाधीन है। विभाग का कहना है कि निर्माण लगभग पूरा हो गया है। कुछ माह में पानी मिलना शुरू हो जाएगा, जबकि हकीकत यह है कि अभी 85 फीसदी ही काम हो पाया है और लक्षित समय से तीन माह ज्यादा बीत गए हैं। कसावा की पेयजल योजना भी करीब 85 फीसदी ही पूरी हो पाई है। बेलामऊ क्षेत्र में बन रही पानी की टंकी का निर्माण कार्य जारी है। सौरिख क्षेत्र के कस्बा सकरावा में भी अभी निर्माण कार्य पूरा नहीं हो पाया है। सिकरौरी, लाख के बारे में भी विभाग कार्य प्रगति पर होने की बात कहता है।
ककलापुर की राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल योजना, अटारा निस्फ ठठिया ब्लाक, कछियापुर, गुनाहा, गोसाईदांसपुर में लगभग काम पूरे होने का दावा करने वाले विभाग की सच्चाई यह है कि ककलापुर में 84 प्रतिशत, अटारा में 84 प्रतिशत, कछियापुर में 75 प्रतिशत, गुनाहा में 56 प्रतिशत तो गोसाईदासपुर में 81 प्रतिशत ही काम हुआ है। जबकि विभाग इन सभी स्टेशनों पर लगभग काम पूरे होने का दावा कर रहा है। गुनाहा में जहां तीन माह पहले ही लोगाें को पानी मिल जाना चाहिए था वहां अभी भी नही मिल रहा है। ऐसे में कैसे उम्मीद की जाए जो निर्माण कार्य तय समय तीन वर्ष पूरा होने पर भी नहीं हुआ वह अगले एक वर्ष में भी हो जाएगा।
सतवारी, माछा, चौधरियापुर में राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल योजना अभी भी 80-84 प्रतिशत पर लटकी हुई है, जबकि यहां दिसंबर 2016 तक लोगों को पानी मिल जाना चाहिए था। सहजापुर योजना में अभी भी लगभग 25 फीसदी निर्माण कार्य बाकी है। सदर तहसील क्षेत्र के गांव जसौली, फखरपुर व आंटी में योजनाएं अभी अधूरी हैं, पर विभाग इसी माह पानी देने का दंभ भर रहा है। इन तीनों गांव में योजनाआें पर अभी करीब 10-10 फीसदी काम पूरा होने के बाद टेस्टिंग का काम बाकी है।
जनखत में अभी 60 फीसदी निर्माण कार्य होना बाकी है। सिरसा में भी 75 फीसदी ही काम हुआ है। वहीं रूरा, सरायमारूफ, सकरीखुर्द, दंदौरा में अभी भी करीब 85 फीसदी ही काम हो सका है।
केंद्र सरकार की ओर से टंकी निर्माण के लिए 18 करोड़ रुपया मिलना बांकी है। इसके लिए डीएम को पत्र भी लिखा लेकिन अभी पैसा नहीं मिला है। पैसा मिलते ही शेष काम पूरा करा दिया जाएगा।
- राजेंद्र कुमार (नोडल प्रभारी, जल निगम)