कन्नौज। सात साल पहले किशोरी को दबोच कर खंडहर में दुष्कर्म के दोषी को विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) ने 22 साल कठोर कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने उस पर 25 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है, जिसेे अदा न करने पर उसे छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। सजा सुनाए जाने के बाद दोषी को न्यायिक अभिरक्षा में जिला कारागार अनौगी भेज दिया गया।
कोतवाली गुरसहायगंज एक गांव निवासी महिला ने गांव के पियूष दुबे उर्फ छुट्टन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप लगाया था कि तीन जून 2018 की रात को आठ बजे पियूष दुबे उनकी 15 वर्ष की बेटी को मुंह दबाकर खंडहर में लेजाकर दुष्कर्म किया था। इसके बाद हत्या की धमकी देकर भाग गया था। विवेचक ने आरोपी के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। मुकदमे की सुनवाई कर रहीं विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) अलका यादव ने गवाह व साक्ष्य के आधार पर पियूष को दोषी करार दिया।