कन्नौज। गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ने से कटरी के गांव बाढ़ की चपेट में आने लगे हैं। बुधवार को पांच और गांव बाढ़ के पानी में घिर गए, कई गांवों की फसलें जलमग्न हो गई हैं। इससे गांवों से पलायन शुरू हो गया है और डूबने की आशंका के चलते किसान सब्जियों की आधी अधूरी फसल की उजाड़ने लगे हैं। जलस्तर बढ़ता देख प्रशासन ने 44 और गांवों को मीडियम फ्लड जोन में घोषित कर दिया है। हाई फ्लड जोन में रखे गए 18 गांवों के लोगों के रहने, खाने और पशुओं के चारा की व्यवस्था भी कर ली गई है। कर्मचारियों को बाढ़ चौकियों पर ही रुकने के निर्देश दिए गए हैं। बुधवार को एसपी और सदर तहसीलदार ने मेहंदीघाट पर बाढ़ का जायजा लिया जबकि एसडीएम ने तहसील में बैठक कर अधिकारियों, कर्मचारियों को मुस्तैद रहने के निर्देश दिए।
पहाड़ी व मैदानी इलाकों में हो रही बारिश और नरौरा बांध से पानी छोड़े जाने के कारण गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। बुधवार को जलस्तर 124.700 मीटर पर पहुंच गया। इससे मेहंदीपुर, चौराचांदपुर, गुमटिया, आलियापुर और जुकईया गांवों बाढ़ से घिर गए। कासिमपुर और बख्सीपुरवा गांव में मंगलवार को ही पानी पहुंच गया था। कई अन्य गांवों की ओर पानी बढ़ रहा है, खेत भी पानी में डूबनेे लगे हैं। इसके चलते इन गांवों से पलायन शुरू हो गया है। लोगों ने जरूरी सामान लेकर सुरक्षित स्थानों की ओर जाने लगे हैं। कासिमपुर के मुख्य मार्ग की पुलिया बहने से ग्रामीण नाव या पानी से होकर निकल रहे हैं। इस गांव में प्रशासन ने तीन तीन गांव लगाई हैं। खेतों में पानी भरने के चलते किसानों बैगन, धनिया, मिर्च, सोया मेथी आदि सब्जियों की फसल तेजी से काटना शुरू कर दिया है। गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने बुधवार को 44 और गांवों को मीडियम फ्लड जोन घोषित कर दिया। बुधवार को एसपी किरीट राठोड़ और तहसीलदार महेंद्र कुमार ने टीम के साथ मेहंदी घाट पर बाढ़ का जायजा लिया।
सदर एसडीएम डा. सृष्टि धवन ने बुधवार को तहसील कर्मियों के साथ बैठककर हाई फ्लड में घोषित 18 गांवों के लोगों के ठहरने, खाने-पीने और पशुओं के चारा आदि तैयारियों पर चर्चा की। कर्मचारियों पर बाढ़ चौकियों पर ही रहने के निर्देश दिए। एसडीएम ने बताया किटरी गंगपुर व कासिमपुर के ग्रामीणाें को मेहंदीघाट, फिरोजपुर के ग्रामीणाें को जूनियर हाईस्कूल भिम्मापुर्वा, कटरी अमीनाबाद, महावलीपुरौर जलालपुर अमरा के ग्रामीणाें को जलालपुर कटरी बांगर, अमीनाबाद व डूगरपुर के ग्रामीणों को सड़ियापुर बांगर के प्राथमिक विद्यालय, कन्नौज कछोहा, दरियापुर चंदई, सलेमपुर रमई व चौधरियापुर कछोहा के ग्रामीणों को पुलिस लाइन में ठहराया जाएगा। तेरारागी गांव के ग्रामीणों को गांव के प्राथमिक विद्यालय, दरियापुर पट्टी के ग्रामीणों को क्षेमकली मंदिर, गुगरापुर बांगर ग्रामीणों को गांव के प्राथमिक विद्यालय व वलिदादपुर के ग्रामीणों को पूर्व माध्यमिक विद्यालय मरहरिया में ठहरने की व्यवस्था कर दी गई है। कपूरपुर कटरी ग्रामीणों को जलालपुर बांगर, सढ़ियापुर बांगर ग्रामीणों को देव दरवार आश्रम करीमपुर और मिश्रीपुर ग्रामीणों को गांव के ही प्राथमिक विद्यालय में ठहराया जाएगा। बाढ़ प्रभावितों को खाने, पीने के पानी और पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था भी की जाएगी। डीएम रवींद्र कुमार भी दिन भर तहसील टीम से रिपोर्ट लेते रहे।
ये 44 गांव मीडियम फलड में हैं घोषित
कन्नौज। मीडियम फलड में तहसीपुर, पाइंदाबाद, डहलेपुर, अब्दुलपुर मझिहारा, गदनपुर, पहाड़पुर, सौंसरापुर, मरहरिया, पट्टी मटेहना, मोहनपुर वासुदेव, महादेवा खास, जगदीशपुर, बिछुईया, सिंहपुर, सदिकापुर, अकबरपुर, कासिमपुर, गंगपुर, रायपुर मखटौरा, देवकली कछोहा, सलेमपुर तारा बांगर, चौराचांदपुर, महिला, बारामऊ, नौरगंपुर, अजमतपुर, कलसानपुर, मेहंदीपुर, डूंगरपुर, सकरी खुर्द, अब्दुलपुर, दाईपुर, गुगरापुर, गुगरापुर कछोहा, मनोरथपुर, कुसुमखोर, गोरीपुर बांगर, ईशारपुर पट्टी, मीरथपुर, चांदपुर कछोहा, रायपुर जलेसर, चांदपुर, जलालपुर कटरी, चौधरियापुर कछोहा गांवों को मीडियम फ्लड में घोषित किया गया है।
हर साल बर्बाद हो रहे ग्रामीण
कन्नौज। गंगा किनारे कटरी में बसे अलियापुर, जुकईया, कासिमपुर, बख्शीपुर्वा समेत करीब एक दर्जन ऐसे गांव है। कि यहां के लोगों का दुर्भाग्य है कि हर साल बाढ़ की विभीषिका को उन्हें भुगतना पड़ रहा है। हजारों लोग इस दैवीय प्रकोप से बर्बाद हो चुके हैं। गांवों के लोगों की विपदा के मारे लोगों की जीवन स्तर को सुधारने के लिए भी किसी भी तरह से मदद नहीं मिल पा रही है। हर साल उन्हें बाढ़ के एक माह में अस्थायी रूप से गांव के बाहर बसा दिया जाता है। उसके बाद बाढ़ का पानी उतरने के बाद वह वापस गांव पहुंचकर अपनी उजड़ी गृहस्थी को बसाने में जुट जाते है।
कटरी के गांवों से होने लगा पलायन
गंगा नदी की बाढ़ से पांच और गांव घिरे, 44 गांव मीडियम फ्लड जोन में घोषित
क्रासर
सब्जियों के खेतों को उजाड़ने लगे प्रभावित गांवों के किसान
प्रशासन ने बाढ़ प्रभावितों के लिए रहने के स्थान तय किए
अमर उजाला ब्यूरो