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डबल मर्डर में 21 अभियुक्तों को उम्रकैद

Tue, 31 Mar 2015 12:07 AM IST
अमर उजाला कन्नाैैज
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अपर जिला एवं सत्र न्यायालय/विशेष न्यायालय एससी/एसटी कोर्ट ने 25 वर्ष पहले ठठिया थाना क्षेत्र के गांव बरेवा में हुए डबल मर्डर केस में 21 लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 50-50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
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घटना 5 अप्रैल 1991 की है। बरेवा गांव निवासी गयाराम लोधी अपनी पत्नी कौशल्या देवी को गांव के पास बबूल के पेड़ से बांधकर पीट रहा था। इस दौरान मौके पर पहुंचे गांव के कनौजीलाल धोबी ने मारपीट का विरोध किया, लेकिन गयाराम व उसके परिजन नहीं माने। इस पर कनौजीलाल थाना ठठिया पहुंचा और थाना पुलिस को ले आया।

इस कारण मारपीट कर रहे गयाराम के अलावा गांव निवासी रूपलाल, अंगदनाथ, भैयालाल, हरिश्चंद्र, मुनईलाल, मोहनलाल, दर्शनलाल, रामसेवक राजपूत, नंदराम, रामसेवक, निरपत, रघुवीर, रामसनेही, सागर प्रसाद, करनलाल, मौजीलाल, योगेंद्र, चंद्रशेखर, रघुनाथ, रामशरण, शिवशंकर, हरीराम, कुंवर बहादुर, सूबेदार, माखन, फुंदीलाल, रामनाथ, बच्चीलाल, रामभरोसे उग्र हो गए।
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उन्होंने गालीगलौज करते हुए कनौजीलाल पर जानलेवा हमला बोल दिया। कांस्टेबलों ने जब उसे बचाने का प्रयास किया तो उक्त लोगों ने पुलिस पर भी हमला बोल दिया। इस पर पुलिस वाले भाग खड़े हुए। इसके बाद हमलावरों ने कनौजीलाल धोबी व कौशल्या देवी की पीट-पीटकर हत्या कर दी।

जानकारी मिलने पर थाने से भारी पुलिस बल जब तक मौके पर पहुंचा, अभियुक्त भाग चुके थे। इस मामले की रिपोर्ट कांस्टेबल फौजदार सिंह ने थाने में दर्ज कराई थी। इस चर्चित मामले की सुनवाई के बाद सोमवार को न्यायाधीश चंद्रभूषण सिंह ने साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर रूपलाल, गयाराम, अंगदनाथ, भैयालाल, हरिश्चंद्र, मुनईलाल, मोहनलाल, दर्शनलाल, रामसेवक राजपूत, नंदराम, रामसेवक, निरपत, रघुवीर, रामसनेही, सागर प्रसाद, करनलाल, मौजीलाल, योगेंद्र, चंद्रशेखर, रघुनाथ, रामशरण को दोषी मानते हुए उम्र कैद की सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी शासकीय अधिवक्ता छेदीलाल गौतम ने की।
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इन आरोपियों की हो चुकी है मौत
हत्या के मामले में कुल 30 लोगों को अभियुक्त बनाया गया था। अब तक इस मामले में नामजद अभियुक्त शिवशंकर, हरीराम, कुंवर बहादुर, सूबेदार, माखन, फुंदीलाल, रामनाथ, बच्चीलाल, रामभरोसे की मुकदमे की सुनवाई के दौरान मौत हो चुकी है। इस तरह जीवित बचे 21 लोगों को सजा हुई।
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कोर्ट में पूरे दिन रही गहमा-गहमी
बीते 25 साल से चल रहे दोहरे हत्याकांड के इस केस की सुनवाई के दौरान अदालत में पूरे दिन गहमागहमी रही। अदालत के बाहर भी लोग फैसला सुनने के लिए बेकरार रहे। शाम करीब पांच बजे अदालत का आदेश आते ही आरोपियों के परिजनों में कोहराम मच गया। कई के परिवारी जन तो कोर्ट परिसर में ही रो पड़े। इस मामले में कोई कुछ बोलने को तैयार नहीं है। कोर्ट परिसर में खड़े लोगों से बातचीत का प्रयास किया गया तो किसी ने अपना नाम तक नहीं बताया।
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