अमर उजाला ब्यूरो
कन्नौज। जिला प्रशासन ने तीनों तहसील के गांवों और निकायों में 26 अस्थायी गोशाला व बाड़े शुरू कर दिए हैं, इसके बावजूद मवेशी खेतों, गलियों और सड़कों पर अन्ना घूम रहे हैं। सड़कों पर महीनों से हादसों का सबब बने ये अन्ना मवेशी अब विवाद भी कराने लगे हैं। रविवार को संकरी खुर्द गांव में प्रधान पक्ष और ग्रामीण में मारपीट हो गई। इसमें पांच लोग घायल हो गए। जिलाधिकारी का दावा है कि 10 जनवरी तक सभी अन्ना मवेशी गोशाला व बाड़ों में बंद कर दिए जाएंगे लेकिन इसकी शुरुआत कहीं दिख नहीं रही है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अन्ना मवेशियों को 10 जनवरी तक अस्थायी गोशाला व बाड़ों में बंद करने के गोशाला व बाड़े तैयार कर चारे आदि की व्यवस्था पूरी होने का दावा किया था। एसडीएम का ये भी दावा था कि सोमवार से गोशाला व बाड़ों में अन्ना मवेशी बंद करने का काम शुरू हो जाएगा। मवेशी बंद करने की जिम्मेदारी वन विभाग, नगरीय निकाय और ब्लॉक कर्मियों को दी गई है। मुख्यमंत्री से मिली डेड लाइन को केवल चार दिन बजे हैं लेकिन अन्ना मवेशी अभी भी खेतों और सड़कों पर धमाचौकड़ी मचा रहे हैं। एक अनुमान के मुताबिक जिले में 20 हजार से अधिक मवेशी अन्ना हैं।
इसमें दो सैकड़ा भी गोशाला व बाड़ों तक नहीं पहुंचे हैं। जिलाधिकारी रवींद्र कुमार का कहना है कि तहसील, ब्लाक, निकायों के अधिकारियों को अस्थायी गोशाला बनाने और उसमें अन्ना मवेशी बंद करने के निर्देश दिए हैं। गांवों में पालतू पशुओं और उनके पालकों की गणना भी लेखपालों से शुरू करा दी गई है। 10 जनवरी तक सभी अन्ना मवेशी गोशाला व बाड़ों में बंद करा दिए जाएंगे। अगर कोई अधिकारी लापरवाही बरतेगा तो उस पर कार्रवाई की जाएगी। गोशाला व बाड़ों में मवेशियों के लिए चारे, पानी और चिकित्सा का खर्च शासन उठाएगा। गोशालाओं में जब तक शेड नहीं बन जाते तब तक तिरपाल लगाकर पशुओं को आश्रय दिया जाएगा।
तालग्राम में अन्ना मवेशियों के लिए बाड़ा बनाया गया है। इसमें 15 मवेशी रखने की व्यवस्था है। रविवार को आसपास गांव के लोग करीब 20 अन्ना मवेशी लेकर बाड़े में बंद कराने पहुंच गए। क्षमता कम होने से नगर पंचायत कर्मियों ने बाड़े में मवेशियों को बंद करने से मना कर दिया। इस पर लोग हंगामा करने लगे। सूचना पर प्रभारी निरीक्षक राजा दिनेश सिंह मौके पर पहुंचे और समझाकर ग्रामीणों को पशुओं समेत वापस किया। राजकीय पशु चिकित्साधिकारी डा. विकराल सिंह ने तालग्राम ब्लॉक के शकरहनी गांव में उमानाथ सिंह के बाग और पनगवां के मजरा जयरापुर के हृदयलाल के खेत के पास अस्थायी गोशाला शुरू कर दी गई हैं। उनके दावे पर किसान वीरेंद्र, नरेंद्र, अवधेश कुमार, संजय, महेंद्र सिंह, ओमप्रकाश, ओमशंकर,जीत सिंह का कहना है कि अन्ना मवेशी फसल बर्बाद कर रहे हैं। गोशाला में उन्हें बंद करने के लिए अभी तक कोई पकड़ने नहीं आया।
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे पर रविवार सुबह फिर अन्ना मवेशी पहुंच गया। एनसीसी पेट्रोलिंग टीम ने उसे जैसे तैसे भगाया। रविवार को कोहरा होने से एक्सप्रेस वे पर वैसे ही वाहन चालकों को रास्ता साफ नहीं दिखाई दे रहा था। इसी बीच एक अन्ना मवेशी एक्सप्रेसवे पर पहुंच गया। वह रोड पर इधर उधर भाग रही थी। वाहनों की रफ्तार कम होने से कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। एनसीसी पेट्रोलिंग टीम अजय सिंह, प्रदीप यादव, अश्वनीकुमार ने कुछ देर आवागमन रोका तब जाकर मवेशी को एक्सप्रेसवे से बाहर निकाल पाए।
गोशालाएं बनीं, फिर भी मवेशी अन्ना
गांव में खेतों से लेकर शहरों में सड़कों तक मचाए हैं धमाचौकड़ी
फोटो 06 केएनजेपी 11- खेतों में फसलें चर रहे अन्ना मवेशी।
फोटो 06केएनजेपी 12- मानीमऊ में जीटी रोड किनारे अन्ना मवेशी।
फोटो 06केएनजेपी 13- एक्सप्रेस-वे पहुंचा अन्ना मवेशी।
फोटो 06केएनजेपी 14- जसोदा किनारे सड़क पर पहुंचा अन्ना मवेशी।
फोटो 06केएनजेपी 08- जीटी रोड किनारे बलई गांव के सामने खेत के पास बैठे अन्ना मवेशी।