अमर उजाला ब्यूरो
गुगरापुर(कन्नौज)। खाना बनाते समय रसोई गैस सिलेंडर में आग लगने से महिला की मौत हो गई, जबकि मासूम गंभीर रूप से झुलस गया।
गुरसहायगंज कोतवाली क्षेत्र के गांव सौंरसरापुर निवासी अकील की पत्नी रूबी बेगम (25) बुधवार की सुबह रसोई में खाना बना रहीं थी। इसी बीच मासूम फैज (07 माह) के जिद करने पर वह उसे अपने साथ लेकर किचन में चली गई। कुछ देर बाद अचानक सिलेंडर में लीकेज शुरू गया और आग लग गई। मासूम फैज को बचाने के प्रयास में बुरी तरह से झुलस गई। रूबी की चीख पुकार सुन परिजन दौड़ पड़े। परिजनों ने जमीन पर गिरी रूबी व मासूम को बाहर निकाला।
दोनों की हालत गंभीर होने पर परिजन उसे स्थानीय प्राइवेट अस्पताल लेकर गए। जहां से डाक्टरों ने जिला अस्पताल ले जाने की सलाह दी। परिजनों ने दोपहर को दोनों को गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया। यहां देर शाम रूबी की उपचार के दौरान मौत हो गई।
इधर, आग की सूचना पर पहुंची ग्राम प्रधान रुखसार बेगम, मुख्तार खां, जमील कोटेदार, तौफीक आदि ने मृतक महिला के परिजनों को आर्थिक मदद दिलाए जाने की मांग की है।
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बच्चे को बचाने में चली गई जान
गुगरापुर। मां के बिना बिस्तर पर रो रहे सात माह के मासूम फैज की आवाज जब मां रूबी बेगम के कानों में सुनाई दी तो उससे रहा न गया। वह रोते हुए मासूम को लेकर किचन में पहुंच गई। रूबी, फैज को गोद में लेकर खाना बना रही थी, कि अचानक आग की सीधी लपटे उसके सीने की ओर आ गई। फैज को आग से बचाने के लिए रूबी ने अपना सिर नीचे कर उसे ढक लिया। जिससे रूबी के सिर व दोनों हाथ के बाहरी हिस्से बुरी तरह से जल गए। रूबी ने आग से बेटे को तो बचा लिया लेकिन अपनी जिंदगी नहीं बचा सकी।
धक्का लगने से बाहर की ओर गिर गया था सिलेंडर
गुगरापुर। गैस सिलेंडर में आग लगने के बाद रूबी के लिए बाहर निकलना मुश्किल था। दरवाजे की ओर से आ रही आग की लपटों से बचने के लिए वह किचन में अंदर की ओर घुसती चली गई। जान बचाने के लिए इधर-उधर भाग रही रूबी का धक्का लग जाने से सिलेंडर बाहर की ओर गिर पड़ा।
12 जुलाई को भराया था गैस सिलेंडर
मृतका के जेठ शकील ने बताया कि घरेलू गैस कनेक्शन उनके नाम हैं। उन्होंने 12 जुलाई को गैस सिलेंडर भराया था। पिछले सिलेंडर में कुछ गैस बची थी। जिसके चलते कई दिन बाद गैस सिलेंडर लगाया था। सिलेंडर कैसे लीक कर गया, इस बाबत कुछ भी बता नहीं सके।
मासूमों से छिना मां का प्यार
अकील की शादी 27 मई 2012 को हरदोई जनपद के दहेलिया गांव निवासी रूबी के साथ हुई थी। भूमिहीन अकील संयुक्त परिवार में अपने बड़े भाई शकील व मझले भाई वकील के साथ रहता था। परिवार का भरण पोषण चाय-पकौड़ी की दुकान से चल रहा था। अकील के दो मासूम बच्चे शोएब रजा (18 माह) व फैज (07 माह) है। रूबी अपने दोनों बच्चों को बेहद प्यार करती थी। अकील ने बताया कि वह बच्चों को रोता हुआ नहीं देख सकती थी। लेकिन अब रूबी की मौत से फैज व शोएब को संभालना मुश्किल होगा। अब मासूमों को मां का प्यार कभी नहीं मिल सकेगा। वहीं घर पर रो रहे 18 माह के शोएब रजा को मां का दुलार कभी नहीं मिल सकेगा।