वेतन की मांग को लेकर आगामी 23 अक्तूबर को
शिक्षामित्रों की ओर से प्रस्तावित भूख हड़ताल पर बेसिक शिक्षाधिकारी ने
कड़ा फैसला लिया है। भूख हड़ताल पर बैठने वाले शिक्षामित्र संगठनों के 19
पदाधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया।
इसके अलावा जिला बेसिक
शिक्षाधिकारी ने भूख हड़ताल पर बैठने पर शिक्षामित्रों और संगठन के
पदाधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की भी चेतावनी दी है। ज्ञात हो कि रविवार
को बैठक करके शिक्षामित्र संगठन के पदाधिकारियों ने 23 अक्तूबर से बेसिक
शिक्षाधिकारी के कार्यालय पर भूख हड़ताल पर बैठने की घोषणा की है।
इसको
संज्ञान में लेते हुए जिला बेसिक शिक्षाधिकारी रामकरन यादव ने जिलाध्यक्ष
मानवेंद्र सिंह, अजीत दीक्षित, मोहम्मद यूसुफ वारिसी, ज्ञानेंद्र भदौरिया,
हृदेश दुबे, महेंद्र कुशवाहा, विनय चौहान, प्रदीप नरायन, बसंत शुक्ला,
मुकेश सिंह, ममता कटियार, दीपेंद्र यादव, कश्मीर यादव, अखिलेश यादव, विनय
मिश्रा, विजय द्विवेदी, मुकेश राजपूत, रामबरन, हरीश चंद्र को कारण बताओ
नोटिस जारी किया है।
बीएसए ने कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए कहा कि
हाईकोर्ट ने 12 सितंबर को शिक्षामित्रों के सहायक अध्यापकों के पद पर किया
गया समायोजन निरस्त कर दिया है। उन्होंने कहा कि ऐसी दशा में सचिव उत्तर
प्रदेश बेसिक शिक्षा इलाहाबाद से मार्ग दर्शन मांगा गया था।
उन्होंने कहा
कि वित्त नियंत्रक से भी मार्ग दर्शन मांगा गया था, लेकिन कोई भी आदेश
प्राप्त नहीं हुआ है। कहा कि भूख हड़ताल पर बैठने से वेतन भुगतान करने की
स्थित में हाईकोर्ट की अवहेलना होगी। इसके अलावा आचार संहिता लागू है।
उन्होंने कहा कि ऐसी परिस्थिति में यदि भूख हड़ताल का आयोजन होगा, तो इन
सभी के खिलाफ कार्रवाई होगी।