कन्नौज। सर्दी का मौसम आने के साथ ही रात और सुबह हल्का कोहरा भी छाने लगा है। इसके बावजूद कन्नौज डिपो के अधिकारी सतर्क नहीं हुए हैं। डिपो की ज्यादातर बसों में अभी तक फाग लाइट नहीं लगी हैं और वाइपर भी खराब हैं। कोहरे की बूंदों से शीशे से कुछ दिखता ही नहीं है, इससे चालक जगह-जगह बस रोककर शीश साफ करते रहते हैं। रोडवेज की इस लापरवाही के कारण यात्रियों की जिंदगी पर हर समय संकट छाया रहता है।
कन्नौज स्टेशन से कन्नौज डिपो की 42 सहित करीब 400 बसें चलती हैं। इनमें ज्यादातर बसों में फॉग लाइट नहीं हैं। बसों के चालकों ने बताया कि वाहनों की तुलना में बसों की रोशनी वैसे ही कम रहती है। रात में कोहरा होने पर तो कुछ नजर ही नहीं आता है। सामने से आने वाले वाहनों की तेज रोशनी पड़ने पर तो बिल्कुल ही दिखाई नहीं देता है। कई बसों के वाइपर भी नहीं हैं। ज्यादातर बसों के वाइपर की रबर घिस गई है। इससे कांच साफ नहीं हो पाता है। सर्दी में कोहरे के चलते कांच को बार बार साफ करना होता है। एक चालक ने बताया कि सफर के कई बार बस रोक कर कपड़े से कांच को साफ करना पड़ता है। इसके अलावा शीशों के बीच खाली से हवा को अंदर जाने से रोकने रबर भी नहीं लगाई गई है। इससे तेज हवा अंदर जाती है। तीन साल पूर्व शुरू की गई लोहिया बसों की हालत तो और खराब है।
यात्री क्षमादास का कहना था कि दिल्ली या जयपुर रूट पर रात में कोहरा होने लगा है। बसों में फाग लाइट और वाइपर ठीक न होने से चालकों को दिक्कत हो रही है। इससे हर समय हादसे की आशंका बनी रहती है। संजय ने
बताय कि ज्यादातर बस चालक कई जगह सड़क किनारे या होटलों पर बस रोककर शीशी साफ करते हैं। राजू यादव ने कहा कि बसों में लगे शीशों में रबड़ न होने से ठंडी हवा कंपकंपा देती है। रोडवेज को यात्रियों की सुविधाओं का ख्याल रखना चाहिए। यात्री सतीश चंद्र का कहना था कि कई बसों के शीशे टूटे हैं। सर्दी में तेज हवा अंतर आने से सफर करना मुश्किल हो रहा है। इन यात्रियों ने कहा कि रोडवेज यात्रियों की जिंदगी से खिलवाड़ न करे, पैसे लिए जाते हैं तो सुविधा भी मिलनी चाहिए।
जिंदगी न ले ले रोडवेज की लापरवाही
कोहरा शुरू होने के बावजूद बसों में नहीं लगाई गईं फॉग लाइट
ज्यादातर बसों के वाइपर खराब, बस रोक शीशे साफ करते चालक
अमर उजाला ब्यूरो
फोटो 02केएनजेपी 11- रोडवेजों बसों में नहीं लगी फाग लाइटें।