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जिले में 1330 हैंडपंप खराब, भीषण गर्मी में सूख रहे हलक

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कन्नौज। जिले के आठ विकास खंडों में जिलाधिकारी के निर्देश पर कराई गई जांच में 1330 हैंडपंप खराब मिले हैं। प्यास बुझाने के लिए लोगों को दूसरे मोहल्लों में जाना पड़ रहा है। हालांकि ग्राम पंचायतों में करीब एक सैकड़ा के लगभग पानी की टंकियों का निर्माण कराया गया है। इनमें से कई जगह ट्यूबवेल का आए दिन मोटर फुंका रहता है। इससे लोगों को पेयजल आपूर्ति नहीं मिल पाती है। वहीं भीषण गर्मी में जलस्तर करीब 10-15 फीट नीचे गिर जाने से हैंडपंपों से हवा निकल रही है।
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कन्नौज ब्लाक में 232 हैंडपंप रीबोर की स्थिति में है। उमर्दा में 70 हैंडपंप मरम्मत योग्य हैं। 203 हैंडपंपों को रीबोर किया जाना है। तालग्राम में 118 हैंडपंपों की मरम्मत होनी है। 75 को रीबोर कराया जाना है। सौरिख में 19 हैंडपंप मरम्मत योग्य हैं। 82 को रीबोर होना है। गुगरापुर में 5 हैंडपंप मरम्मत व 19 रीबोर योग्य है। हसेरन में 30 हैंडपंप मरम्मत व 132 रीबोर योग्य हैं। जलालाबाद में 16 हैंडपंप मरम्मत व 139 रीबोर की स्थिति में हैं।
जिले की 504 ग्राम पंचायतों में 29388 हैंडपंप लगे हैं। इनमें 2967 हैंडपंपों की मरम्मत व 1567 को रीबोर कराया जाना है। 2629 हैंडंपपों की मरम्मत व 575 को रीबोर करा दिया गया है। जिला विकास अधिकारी एनबी सविता ने बताया कि खंड विकास अधिकारियों को पेयजल की समस्या के निराकरण के निर्देश दिए गए हैं। कहा गया है कि कहीं भी पेयजल की दिक्कत नहीं आनी चाहिए। जिन हैंडपंपों की मरम्मत होनी है, उनकी तत्काल मरम्मत करा दी जाए। रीबोर के लिए एस्टीमेट बनाकर भेजें।
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1146 तालाबों में पानी का दावा, मौके पर उड़ रही धूल
कन्नौज। तालाबों में पानी न होने से पशु पालकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मनरेगा सहित विभिन्न मदों से खुदवाए गए तालाबों में पानी नहीं है। पशुओं को पानी पिलाने के लिए हैंडपंप अथवा किसी के प्राइवेट नलकूप के चलने का इंतजार रहता है। प्रशासन से कराई गई जांच में एडीओ व ग्राम पंचायत अधिकारियों के माध्यम से मिली रिपोर्ट में जिले में 1146 तालाब भरे दिखाए हैं। कन्नौज विकास खंड में 166 तालाबों में 153 भरे हैं। 7 खाली हैं। उमर्दा में 538 में 247 भरे हैं, 291 सूखे हैं। तालग्राम में 193 तालाबों में 126 भरे हैं, 67 सूखे हैं। सौरिख में 274 तालाबों में 210 भरे हैं, 64 सूखे हैं। छिबरामऊ में 242 तालाबों में 175 भरे हैं, 67 सूखे हैं। गुगरापुर में 43 तालाबों में 24 भरे हैं, 19 सूखे हैं। हसेरन में 137 तालाब भरे हैं, 66 सूखे हैं। जलालाबाद में 128 तालाबों में 74 भरे हैं, 54 सूखे हैं। मुख्य विकास अधिकारी एसके सिंह ने कहा कि एडीओ ग्राम पंचायत, ग्राम विकास अधिकारियों को खाली तालाबों में पानी भरवाने के निर्देश दिए गए हैं।




67 तालाब सूखे, 300 हैंडपंप नहीं दे रहे पानी
छिबरामऊ। विकास खंड क्षेत्र की ज्यादातर ग्राम पंचायतों में पेयजल समस्या है। 67 तालाब सूखे पड़े हैं। 300 हैंडपंप खराब हो गए हैं। ऐसे में लोगों को पेयजल समस्या से जूझना पड़ रहा है। इस समस्या की रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी गई है। विकास खंड क्षेत्र में 96 ग्राम पंचायतें हैं। इनमें 3739 हैंडपंप लगे हैं। 160 हैंडपंपों की मरम्मत होनी है। 140 हैंडपंप रीबोर होने की स्थिति में हैं। 300 हैंडपंप खराब होने से ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं क्षेत्र में 242 तालाब हैं। 175 तालाबों में पहले से ही पानी भरा हुआ है। 67 तालाब सूखे हैं। लगभग एक सप्ताह पहले ग्राम पंचायतों में पेयजल समस्या समेत अन्य बिंदुओं पर रिपोर्ट मांगी गई थी। ग्राम पंचायत सचिवों द्वारा जांच कर रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है।


ऐतिहासिक तालाब ककरारी में उड़ रही धूल
छिबरामऊ। ग्राम पंचायत छिबरामऊ देहात के अंतर्गत सौरिख रोड स्थित ऐतिहासिक ककरारी तालाब सूख गया है। इसमें धूल उड़ रही है। इसमें पानी भरवाने की व्यवस्था नहीं की गई है। यह तालाब सौरिख रोड पर सड़क किनारे स्थित है। छिबरामऊ नगर क्षेत्र में स्थापित होने वाली प्रतिमाओं का इसमें विसर्जन किया जाता है।


अकबरपुर के पक्के तालाब की भी दुर्दशा
छिबरामऊ। ग्राम पंचायत अकबरपुुर का पक्का तालाब ऐतिहासिक माना जाता है। जीटी रोड हाईवे किनारे होने और तालाब के किनारे सिद्धनाथ बाबा का मंदिर होने के कारण इस तालाब की और भी अधिक महत्ता है। देखरेख के अभाव में यह दुर्दशा ग्रस्त है। इसमें पानी का अभाव है।


तालाबों को भरवाने का किया जा रहा इंतजाम
छिबरामऊ। सहायक विकास अधिकारी पंचायत मृदुल कुमार दुबे ने बताया कि शासन के निर्देश पर तालाबों को भरवाने की व्यवस्था की जा रही है। प्रत्येक ग्राम पंचायत में कम से कम एक तालाब को हर हाल में भरवाया जाएगा। जहां सरकारी ट्यूबवेल हैं या फिर नहर आदि हैं, वहां तालाब भरवाए जाएंगे। जहां ऐसी व्यवस्था नहीं है, वहां प्राइवेट नलकूपों से तालाबों को भरवाने की व्यवस्था की जा रही है।
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