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सत्य परेशान हो सकता है, पराजित नहीं

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तालग्राम। क्षेत्र के गांव सलेमपुर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में मंगलवार को आचार्य अंकुल शास्त्री ने भक्तों को भागवत कथा के मर्म समझाया। उन्होंने बताया कि सत्य के मार्ग पर चलने से हर हाल में जीत सत्य की होती है। सत्य कुछ देर के लिए परेशान तो सकता है लेकिन पराजित नहीं हो सकता।

आचार्य ने कहाकि महाभारत में कौरवों व पांडवों के बीच भीषण युद्घ हुआ। पांडव सत्य, धर्म के मार्ग पर चलते हुए अपने अधिकार के लिए संघर्ष कर रहे थे। कौरव अनैतिक कार्य व बुराईयों के बल पर दूसरों के अधिकारों का हनन कर रहे थे। उन्हें शक्ति का अहंकार था, इस लड़ाई में कौरवों की हार से स्पष्ट हो गया कि अंत में विजय सत्य और धर्म के रास्ते पर चलने वालों की ही होती है।
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मनुष्य को जीवन में सच्चाई व धर्म के रास्ते से विमुख नहीं होना चाहिए। सत्य के मार्ग में आने वाली कठिनाइयों से घबराना नहीं चाहिए। भक्त प्रहलाद व बालक ध्रुव से सीख लेनी चाहिए। नि:स्वार्थ भाव से कर्म में लगे रहो, मोक्ष की प्राप्ति होती है। समिति के पदाधिकारी वीरेंद्र गुप्ता, रामप्रकाश गुप्ता, प्रमोद कनौजिया, मुकेश कनौजिया, राम बाबू, विशाल पटेल, पंकज, राजीव, गिरीश, जगदीश गुप्ता, शीलू मौजूद रहे।
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उधर, छिबरामऊ क्षेत्र के शक्तिपीठ गमादेवी में पुजारी बनारसीदास शास्त्री की देखरेख में लोककल्याण के लिए सीता-राम यज्ञ का आयोजन किया गया। इससे पूर्व नाथ सकल संपदा तुम्हारी संपुट के साथ कराए गए अखंड पाठ का विधिवत समापन हुआ। महिलाओं ने भगवान राम से अखंड सौभाग्य प्राप्त करने की प्रार्थना की। वाद में वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ सीता-राम यज्ञ हुआ, जिसमें भक्तों ने आहुतियां दीं और आरती के बाद प्रसाद वितरण किया गया।


सत्य परेशान हो सकता है, पराजित नहीं
अंकुल शास्त्री ने समझाया भागवत कथा का मर्म
अमर उजाला ब्यूरो
फोटो 04 केएनजेपी 06- आचार्य अंकुल शास्त्री।
फोटो 04केएनजेपी 07- कथा का रसपान करते श्रोतागण।
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