कन्नौज। आगरा- लखनऊ एक्सप्रेसवे पर तीन डॉक्टरों सहित पांच लोगों की मौत के बाद यातायात पुलिस की नींद टूटी। यातायात प्रभारी ने स्पीड लेजर गन से 150 वाहनों के चालान किए। इसके अलावा वाहन चालकों को रोककर सीटबेल्ट लगाने तथा नशे में वाहन न चलाने को लेकर जागरूक किया।
यातायात प्रभारी आफाक खान आगरा- लखनऊ एक्सप्रेसवे पर टीम के साथ पहुंचे। यहां प्रभारी ने स्पीड लेजर गन ने 150 वाहनों के चालान किए। तेज रफ्तार में वाहन चला रहे लोगों को जागरूक किया। उनको बताया कि तेज रफ्तार से वाहन चलाने से कुछ समय का ही अंतर पड़ता है। ऐसे में जान जोखिम में डालकर वाहन चलाने से अच्छा है कि तय स्पीड में ही वाहन चलाकर सुरक्षित घर पहुंचा जाए। एक गलती परिवार पर भारी पड़ती है। उन्होंने चार पहिया वाहन चालकों को रोककर सीट बेल्ट लगाकर वाहन चलाने की हिदायत दी। सीट बेल्ट नहीं लगे होने से हादसों में जान जाने के बारे में जानकारी दी।यातायात प्रभारी आफाक खान ने बताया कि ओवर स्पीड में आगरा- लखनऊ एक्सप्रेसवे पर 150 वाहनों के चालान किए गए हैं।
क्षतिग्रस्त स्कार्पियो का किया सेफ्टी ऑडिट
यातायात प्रभारी आफाक खान ने फगुहा कट पर जाकर क्षतिग्रस्त स्कार्पियो का सेफ्टी ऑडिट किया। उन्होंने बताया कि डिवाइडर से टकराने के बाद कार के एयर बैग तो खुल गए थे, लेेकिन स्पीड अधिक होने के कारण स्कार्पियो अनियंत्रित होकर पलट गई और दूसरी लेन पर जाकर ट्रक से टकरा गई। हादसे में केवल बायां हिस्सा क्षतिग्रस्त हुआ है, जबकि दूसरी तरफ सही है। चालक व आगे बैठने वाले लोगों ने सीट बेल्ट भी नहीं लगाई थी। पूरी रिपोर्ट बनाकर शासन को भेजी जाएगी।
डॉ. अरुण के घर पर नहीं जला चूल्हा
मानीमऊ। एक्सप्रेसवे पर हुए हादसे में मृत डॉ. अरुण कुमार के घर पर चूल्हा नहीं चला। दिन भर महिलाओं के रोने की आवाज सुनाई दीं। मोचीपुर गांव की गलियों में भी सन्नाटा छाया रहा। ग्रामीणों की आंखों से भी आंसू नहीं थम रहे हैं। यही नहीं, वह जब गांव आते थे तो निजी खर्चे से लोगों का इलाज करते थे। परिवार वाले उनके लिए रिश्ता भी देख रहे थे, लेकिन उससे पहले ही भगवान ने अरुण को छीन लिया। संवाद