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अब 15 हजार व्यक्तियों की क्षमता का बनेगा क्वारंटीन सेंटर

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कन्नौज। लॉकडाउन में गैर राज्यों में फंसे लोगों को लाने की शासन ने पहल शुरू कर दी। इन प्रवासी मजदूरों के लिए जिले में 15 हजार बेड की क्षमता वाले क्वारंटीन सेंटर बनाए जाएंगे, जिससे 14 दिनों तक इन्हें यहां क्वारंटीन किया जा सके। इसके बाद ही सभी को घर भेजा जाएगा।
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गैर राज्यों में लॉकडाउन में फंसे प्रवासी मजदूरों को लाने के लिए शासन की पहल पर जिला प्रशासन ने काम शुरू कर दिया है। इनके ठहरने के लिए शासन ने जिले की तीनों तहसील क्षेत्रों में 15 हजार लोगों के ठहरने के लिए क्वारंटीन सेंटर बनाने के निर्देश दिए है। 30 अप्रैल तक जिला प्रशासन को स्थान चिह्नित कर सेंटर बनाने को कहा है। इन सेंटर में किचन, बिजली, जलापूर्ति, खाद्यान्न और मेडिकल परीक्षण के लिए एक नोडल अधिकारी के रूप में नामित किया जाएगा। जिसकी निगरानी में सभी लोगों को रखा जाएगा। यहां 14 दिन तक ठहरने के बाद लोगों को घर भेजा जाएगा। सभी सेंटर में पर्याप्त संख्या में पीपीई किट, ए-95 मास्क की व्यवस्था अनिवार्य है। शासन स्तर से निर्देश मिलने के बाद अधिकारियों ने क्वारंटाइन सेंटर बनाने के लिए जिले के इंटर कालेज, डिग्री कालेज, कोल्ड स्टोर का निरीक्षण शुरू कर दिया।
जियो टैगिंग से क्वारंटीन सेंटर की होगी निगरानी
कन्नौज। जिले में बनने वाले क्वारंटीन सेंटर में शासन ने लापरवाही न बरने के सख्त निर्देश दिए है। सभी सेंटर की जियो टैंगिग से निगरानी होगी। शासन स्तर से क्वारंटीन सेंटर में मिल रहे भोजन से लेकर अन्य व्यवस्थाओं और ठहरने वाले प्रवासी मजदूरों की संख्या की निगरानी की जाएंगी। रोजाना नोडल अधिकारी को पोर्टल पर पूरा डाटा फीड होना होगा। लापरवाही मिलने पर जिम्मेदारों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
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क्वारंटीन सेंटर में मजदूरों का होगा पंजीकरण
कन्नौज। गैर जनपदों, प्रदेशों से लॉकडाउन में घर लौट रहे प्रवासी मजदूरों के लिए एक अच्छी खबर है। इन मजदूरों को क्वारंटाइन सेंटर में 14 दिन तक रोके जाने के दौरान श्रम विभाग से इनका पंजीकरण कराया जाएगा। सभी को एक हजार रुपये खाते में आपदा राहत योजना के तहत भुगतान किया जाएगा। अभी तक जिले में पंजीकृत 47 हजार 950 लोगों को श्रमिकों से संबंधित योजनाओं का लाभ दिया जा रहा था। अब इन मजदूरों को भी लाभ मिलेगा।
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