अमर उजाला ब्यूरो
कन्नौज। प्रदेश सरकार के एंबुलेंस बजट में कटौती से जिले की 39 एंबुलेंस खड़ी हो गई थी। इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। मंगलवार को शासन ने बजट रिलीज कर दिया है। अब मंगलवार से एंबुलेंस दौड़ने लगेंगी।
जिले में 108 एंबुलेंस की 16 गाड़ियां और 102 एंबुलेंस की 23 गाड़ियां स्वास्थ्य केंद्रों पर लगी हैं। बजट न होने से 01 अगस्त से एंबुलेंस के पहिए थम गए थे। इमरजेंसी की सूचना में ही ईएमटी सेवाएं दे रहे थे। चिकित्सकों ने भी इस मामले में हाथ खड़े कर दिए थे। सोमवार को अतरौली मोड़ के निकट घायल हुए मोहित व संतोष ने बताया कि कंटेनर पलटने के बाद स्थानीय लोगों ने 108 नंबर पर सूचना दी थी, लेकिन 30 मिनट तक गाड़ी नहीं आई। तभी एक टेंपो को रोककर स्थानीय लोगों ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया था।
12 लाख का डीजल बचाता है हर माह सैकड़ों जिंदगी
जिला प्रभारी ईएमई कुलदीप सिंह ने बताया कि एक एंबुलेंस के लिए औसतन महीने भर में 30 हजार रुपये डीजल का खर्च आता है। एक माह में 108 एंबुलेंस में चार लाख 80 हजार रुपये का डीजल और 102 एंबुलेंस में छह लाख 90 हजार रुपये का डीजल खर्च आ जाता है।
एमटी रामलडइते ने बताया कि एक घटना की सूचना मिलने पर एक स्थान पर कई घायल हो सकते हैं, जिसमें एक ही घटना के लिए कई चक्कर लगाने पड़ जाते हैं लेकिन वह काउंट एक ही केस में होता है। इसका भी फर्क पड़ता है।
वर्जन
शासन से डीजल न मिलने के कारण अधिकतर एंबुलेंस को खड़ा करना पड़ा था। मंगलवार को शासन से डीजल मिलने की जानकारी हुई है। इमरजेंसी मरीजों को एंबुलेंस से भेजा जा रहा है। - डा. कृष्ण स्वरूप (मुख्य चिकित्साधिकारी कन्नौज)
वर्जन
प्रतिदिन के औसत खर्च में कटौती की समस्या थी। इसके साथ ही सभी एंबुलेंसों के वेरीफिकेशन का काम भी चल रहा था। वेरीफिकेशन के बाद ही पैसा रिलीज किया जाता था। पैसा न मिलने के कारण गाड़ियों को खड़ा करा दिया गया था। शासन से पैसा मिलने की जानकारी हुई है। पैसा आ जाने पर एंबुलेंस फिर से काम करने लगेंगी। - कुलदीप सिंह (जिला प्रभारी ईएमई एंबुलेंस, कन्नौज)
डीजल का बजट न होने से खड़ी हो गई थी 39 एंबुलेंस