नहर में खांदी बंद करने गया किसान मंगलवार को बह गया। देर रात तक परिजन और ग्रामीण उसकी तलाश में जुटे रहे। इस घटना से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। नहर के किनारे किसान की चप्पलें और कपड़े पड़े मिले हैं।
तीन दिन पहले निचली गंगानहर में खड़िनी पुल के पास नगला गूढ़ा के सामने खांदी हो गई थी। प्रधान पति अंशू तोमर ने जेसीबी लगाकर इस खांदी को बंद करवा दिया था, लेकिन सोमवार को यहां फिर खांदी हो गई और पानी बहने लगा। क्षेत्र के ग्राम सरैया निवासी अजय पाल (47) मंगलवार सुबह घर से खांदी बंद करने के लिए गया था। दोपहर तक जब वह लौटकर नहीं आया, तो उसका पुत्र धीरू नहर के किनारे गया, जहां उसकी चप्पलें और कपड़े पड़े हुए थे। ग्रामीणों ने अनुमान लगाया कि नहर के तेज बहाव में अजय पाल बह गया है।
जानकारी होने पर थानाध्यक्ष रामप्रकाश पांडेय, चौकी इंचार्ज विनोद कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने घटना के बारे में ग्रामीणों से जानकारी ली। ग्रामीणों ने नहर के पानी में काफी दूर तक खोजबीन की, लेकिन उसका कहीं पता नहीं चल सका। नहर के किनारे अजय पाल के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। थानाध्यक्ष आरपी पांडेय ने बताया कि अजय पाल की तलाश की जा रही है। जिला मुख्यालय से गोताखोरों को बुलाया गया है।
अक्तूबर में होनी है बेटी की शादी
खड़िनी (ब्यूरो)। अजय पाल की पांच बेटियां हैं, जिनमें पुत्र धीरू और बड़ी बेटी ज्योति की शादी हो चुकी है। उससे छोटी याद कुमारी की शादी अक्तूबर में होनी है। पत्नी उमादेवी ने बताया कि घर में शादी तैयारियां चल रही हैं। इससे छोटी बेटियां संतोषी, गायत्री और उपासना का भी रो-रोकर बुरा हाल है। अजय पाल के पिता और बड़े भाई की कई साल पहले मौत हो चुकी है। पूरे परिवार के भरण-पोषण की जिम्मेदारी अजय पाल के ऊपर ही है।