कन्नौज। तीन जुलाई के बाद शहनाई का शुभ मुहूर्त नहीं है। वैदिक आचार्य पंडित पवन शुक्ला की मानें जून और जुलाई में गौने का भी कोई मुहूर्त नहीं है। अब गौना नवंबर में 23 व 29 तारीख को होगा। इस माह मुंडन भी नहीं होंगे। वहीं, भवन निर्माण के लिए नींव पूजन की कोई भी तिथि शुभ नहीं है।
19 जून सोम रेवती और 30 जून शुक्र उ.फा. तिथियों में ही विवाह हो सकेगा। दो जुलाई को रवि स्वाती तिथि व तीन जुलाई को सोम स्वाती में ही विवाह हो सकेगा। इसके बाद नवंबर तक कोई विवाह समारोह नहीं है। तीन जुलाई के बाद सीधे 23 नवंबर से विवाह मुहूर्त शुरू होंगे। गौने का शुभ मुहूर्त भी नवंबर की 23 तारीख से ही शुरू हो सकेगा।
आचार्य ने बताया कि यज्ञोपवीत संस्कार जून में अब 25 व 26 तारीख को ही हो सकेंगे, वहीं जुलाई में भी सिर्फ तीन जुलाई को सोम स्वाती तिथि में ही यज्ञोपवीत संस्कार हो सकेगा।
20 जून मंगल अश्विनी में, 25 जून रवि पुनर्वसु और 26 जून सोम पुष्य मुंडन संस्कार के लिए अतिशुभ तिथियां हैं। जो भी भवन निर्माण कराने जा रहे हैं वह ठहर जाएं। इस पूरे माह में अब नींव पूजन के लिए कोई भी तिथि शुभ नहीं है।
20 जुलाई गुरु रोहिणी से नींव पूजन कर भवन का निर्माण शुरू करें, लाभकारी होगा। जो भवन का निर्माण पूर्ण करा चुके हैं वह 19, 26 जून को सोम पुष्य में और 30 जून को शुक्र उ.फा. तिथि में गृह प्रवेश कर सकते हैं।
जो भी व्यापारी अपने नए व्यापार को शुरू करना चाहते हैं वह 19 को सोम रेवती में, 26 को सोम पुष्य में और 30 जून शुक्र तिथि में अपने व्यापार का शुभारंभ कर सकते हैं। यह तीनों ही तिथियां व्यापार शुभारंभ करने की दृष्टि से अति उत्तम हैं।
- वैदिक आचार्य पंडित पवन शुक्ला के मुताबिक नवंबर तक गौने का भी मुहूर्त नहीं, 23 नवंबर से शुरू होगा शुभ विवाह और गौने का शुभ मुहूर्त
- भवन निर्माण के लिए नींव पूजन की कोई भी तिथि शुभ नहीं