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मैरिज रजिस्ट्रेशन आपके वैवाहिक जीवन को करेगा सुरक्षित

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अमर उजाला ब्यूरो
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कन्नौज। सुप्रीमकोर्ट के आदेशानुसार सूबे की सरकार जल्द ही मैरिज रजिस्ट्रेशन को अनिवार्य करने जा रही है। रजिस्ट्रेशन न कराने पर सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाएगा। वहीं, रजिस्ट्रेशन कराने से दंपति का वैवाहिक जीवन सुरक्षित हो जाएगा। किसी भी तरह का कानूनी पेच नहीं फंसेगा।

उत्तर प्रदेश हिंदू विवाह रजिस्ट्रीकरण नियमावली 1973 के नियम दो के तहत शादी का रजिस्ट्रेशन कराना होता है। सुप्रीम कोर्ट पहले ही इसे अनिवार्य कर चुका है। अब प्रदेश सरकार सभी समुदाय के लोगाें के लिए इसे अनिवार्य करने की तैयारी कर रही है। इसीलिए यदि आपने अपना मैरिज रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है, तो जल्द से जल्द करा लें।
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रजिस्ट्रेशन कराने के फायदे
- पासपोर्ट और वीजा बनवाने में पति और पत्नी का संबंध साबित करने के लिए, संपत्ति के विवाद में, पेंशन और उत्तराधिकार के विवाद में, पति के निधन के बाद किसी भी तरह के क्लेम में, शादी को कानूनी मान्यता देने में।

रजिस्ट्रेशन के लिए यह जरूरी
जहां पर पति का निवास हो या जहां विवाह हुआ हो वहां रजिस्ट्रेशन कराया जा सकता है। जैसे अगर कोई लड़का कन्नौज का रहना वाला है और उसने मैनपुरी में शादी की है, तो वह कन्नौज या मैनपुरी दोनों जगह रजिस्ट्रेशन करा सकता है। शादी के समय लड़के की उम्र 21 और लड़की की उम्र कम से कम 18 वर्ष होनी चाहिए।

इस तरह कराएं रजिस्ट्रेशन
पति और पत्नी तहसील स्थित रजिस्ट्री दफ्तर जाकर रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। आपको इसके लिए सिर्फ दो रुपये का शुल्क देना होगा। घर बैठे-बैठे (igrsup.gov.in) में ऑनलाइन साइट पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए आपको दस रुपये का आनलाइन भुगतान करना होगा। बाद में आपको दी गई तारीख पर रजिस्ट्री दफ्तर जाकर रजिस्ट्रेशन कराना होगा। अगर आप आवेदन को आधार कार्ड से लिंक करा देंगे तो आपको रजिस्ट्री दफ्तर भी नहीं जाना होगा। आपका ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन हो जाएगा और उसका प्रिंट आप अपने घर से निकाल सकते हैं। इसके बाद एक बार पति-पत्नी को रजिस्ट्रार के समक्ष जाकर हस्ताक्षर करने होंगे।
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इन दस्तावेजाें की होगी जरूरत
सबसे पहले आपको उत्तर प्रदेश हिंदू विवाह रजिस्ट्रीकरण नियमावली 1973 के नियम दो के तहत शादी का रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन पत्र भरना होगा। फार्म के 10 नंबर पर वधू की पहचान कालम पर किसी राजपत्रित अधिकारी, गांव या पंचायत के अध्यक्ष, जिला पंचायत अध्यक्ष, सांसद , विधायक, सभासद या पार्षद से हस्ताक्षर कर प्रमाणित कराना होगा। फार्म के साथ आयु का प्रमाणपत्र जैसे हाईस्कूल की मार्कशीट की फोटो कापी, पैन कार्ड, लड़के का मूल निवास का प्रमाणपत्र, वोटर आईडी, डीएल और पासपोर्ट में किसी पहचान पत्र की फोटो कापी लगेगी। रजिस्ट्रेशन के समय पति और पत्नी को सब रजिस्ट्रार के सामने हस्ताक्षर करने होंगे।

- सुप्रीमकोर्ट के आदेश के बाद जल्द ही योगी सरकार अनिवार्य करने जा रही मैरिज रजिस्ट्रेशन
- उत्तर प्रदेश हिंदू विवाह रजिस्ट्रीकरण नियमावली 1973 के नियम दो के तहत शादी का रजिस्ट्रेशन कराना होता
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