गुरसहायगंज। अन्ना मवेशियों से परेशान ग्रामीणों ने उन्हें स्कूल में बंद कर दिया। दूसरे दिन भी गांव के सरकारी विद्यालय में मवेशी बंद रहे। स्कूल में बंद मवेशियों को देखकर बच्चे घर लौट गए। विद्यालय के शिक्षकों ने किसानों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह लोग जिद पर डटे रहे और अन्ना मवेशियों को कैद रखने की बात कही।
अन्ना मवेशी किसानों की लिए मुसीबत बनते जा रहे हैं। कड़ी मेहनत के बाद खेतों में खड़ी फसल को सुरक्षित रखने के लिए सर्दी में किसान रतजगा कर खेतों में पहरा दे रहे हैं। इसके बावजूद अन्ना मवेशी फसलों को नष्ट कर रहे हैं। इससे नाराज ग्राम ब्राहिमपुर के कई ग्रामीणों ने रविवार की शाम को अन्ना मवेशियों को खदेड़ कर गांव में के प्राथमिक विद्यालय परिसर के अंदर बंद कर मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया था। सोमवार सुबह जब विद्यालय पहुंचे बच्चों को देखकर घर लौट गए। प्रधानाध्यापक आशीष तोमर मौके पर पहुंचे तो उन्हें विद्यालय के परिसर में जानवर बंद मिले। जिसकी सूचना उन्होंने एनपीआरसी जावेद अली और आदित्य कुमार को दी। जिन्होंने गांव पहुंचकर ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया लेकिन ग्रामीण नहीं माने विद्यालय में जानवर बंद होने के कारण पढ़ने आए करीब 87 बच्चे वापस लौट गए।
वहीं तर्वा में सोमवार को कस्बे के समीप लगे गांव मनीपुर्वा, देवपुर्वा के ग्रामीण अपनी फसलों में हो रहे अन्ना पशुओं द्वारा नुकसान को देखकर ग्रामीण आक्रोशित हो गए। ग्रामीणों ने एकजुट होकर गांव के आसपास घूम रहे अन्ना पशुओं को खदेेड़ना शुरू किया। ग्रामीण गांव से अन्ना पशुओं को खदेड़ते हुए मेडिकल कालेज के आगे तक ले गए और वहीं पर छोड़ दिया। उधर के ग्रामीणों ने अपने खेतो के आसपास भारी संख्या में अन्ना पशुओं को देखकर उन लोगों ने दोबारा मेडिकल कालेज की ओर से खदेड़ कर कस्बे की ओर कर दिए। सड़क का यातायात भी बाधित हुआ और हादसे की आशंका भी बनी रही। एसडीएम रामदास ने बताया कि तहसील क्षेत्र मे कई जगहों पर गोशालाएं बनाई जा रही है। जब तक स्थायी गोशालाओं का निर्माण नहीं होता है तब तक ग्रामीण अस्थाई गोशाला में जानवरों को बंद कर सकते है।