अमर उजाला ब्यूरो
कन्नौज।
योगी सरकार के गठन के बाद अवैध बालू खनन पर प्रतिबंध लगा दिया गया। पिछले माह जिले में खनन विभाग ने नौ घाटों को चिह्नित कर आवेदन मांगे। इसमें महज दो घाटों के लिए आवेदन आए। प्रशासन की माने तो कम आवेदन के कारण पिछली टेंडर प्रक्रिया को निरस्त कर दिया गया।
नए सिरे से 16 जून तक आवेदन मांगे गए हैं। इन प्रक्रियाओं के चलते जून में घाटों से खनन शुरू हो पाना कठिन दिख रहा है। सरकारी व गैर सरकारी निर्माण कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं। वहीं, खनन प्रक्रिया पूर्ण न होने से पुलिस के लिए निगरानी का सिर दर्द बढ़ गया है।
जिलाधिकारी जगदीश प्रसाद का कहना है कि कम आवेदन आने की वजह से टेंडर प्रक्रिया को निरस्त कर दिया गया। पिछली बार नौ घाटों में सात के लिए किसी ने आवेदन ही नहीं किया। इसके अलावा दो घाटों के लिए केवल एक-एक आवेदन ही आया। साथ ही दूसरे जनपदों में रेट अधिक डाला गया, जबकि उन दो घाटों के लिए रेट भी काफी कम डाला गया था।
हालांकि प्रशासन टेंडर प्रक्रिया के बाद आगे की कार्रवाई जल्द पूर्ण करने की पूरी कोशिश करेगा। ताकि लोगों को परेशानी न हो।
- खनन पट्टों के आवंटन में देरी से निर्माण कार्य प्रभावित
- जून में निर्धारित घाटों से खनन शुरू हो पाना कठिन
- खनन पट्टे आवंटन न होने से पुलिस के लिए बढ़ा सिर दर्द