नहर के पानी में स्नान करते श्रद्धालु।
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नहर में डुबकी लगाने के लिए हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। भीड़ को देखते हुए नहर विभाग ने चेक डैम से पानी रोक दिया, जिससे श्रद्धालुओं में रोष व्याप्त है। वहीं, चढ़ावे को लेकर प्रधान सहित दो पक्ष आमने-सामने आ गए। एसडीएम ने मामले की जांच सौरिख थानाध्यक्ष को सौंपी है।
जनपद इटावा, औरैया, मैनपुरी, फर्रुखाबाद, कन्नौज सहित कई स्थानों के हजारों लोग गुरुवार को पहुंचे। मलिकपुर व दनुआं नगला के बीच निचली गंगा नहर इलाहाबाद शाखा में देवस्थान के पास डुबकी लगा रहे थे। श्रद्धालुओं का मानना है कि इस स्थान पर डुबकी लगाने पर चर्म रोग ठीक हो जाते हैं। इससे पहले दो गुरुवार को स्नान हो चुका है, लेकिन इतनी भीड़ नहीं हुई थी।
इस गुरुवार को लगभग 25 हजार रुपये का चढ़ावा आया, जिसको लेकर ग्राम प्रधान रामलड़ैते और देवस्थान के सरवराकार अर्जुन सिंह आमने-सामने आ गए। गांव के कुछ लोगों ने चढ़ावे के लिए प्रधान के नेतृत्व में समिति गठित कर दी है, जबकि अर्जुन सिंह का कहना है कि यहां देवस्थान की स्थापना उन्होंने की थी। इसलिए चढ़ावे पर उनका हक है। उन्होंने उपजिलाधिकारी उदयवीर सिंह से शिकायत कर दी, जिस पर एसडीएम ने सौरिख थानाध्यक्ष संतोष कुमार व्यास को मामले की जांच सौंपी है।
वहीं, नहर पर भीड़ बढ़ती देख नहर विभाग ने चेक डैम से पानी बंद कर दिया। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि भीड़ के चलते यदि कोई हादसा हो गया तो इसका जिम्मेदार कौन होगा। ग्रामीणों में नहर विभाग के प्रति रोष व्याप्त था। इस संबंध में एसडीएम ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। अफवाह फैलाने वाले लोगों पर कार्रवाई की जाएगी।