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12 हजार 997 आवासों में एक साथ प्रवेश

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कन्नौज। जिले में पिछले तीन वित्तीय वर्षों में प्रधानमंत्री आवास योजना में बने 12 हजार 997 आवासों में एक साथ प्रवेश कराने की योजना तैयार की गई है। गृह प्रवेश के जरिए पर्यावरण सुधार के लिए हर लाभार्थी से पौधरोपण कराया जाना है। योजना के तहत हर लाभार्थी के घर के सामने दो पौधे लगेंगे। शासन से आदेश आने के बाद गृह प्रवेश की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। सामूहिक गृह प्रवेश का कार्यक्रम अगस्त के प्रथम व द्वितीय सप्ताह में प्रस्तावित है।
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प्रधानमंत्री योजना के तहत आवास से आच्छादित परिवार के लोगों को निरोग बनाए रखने के लिए आवास के सामने सहजन के दो-दो पौधे लगाए जाएंगे। विकास महकमे को लाभार्थियों को नि:शुल्क पौधा उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी दी गई है। आर्थिक रूप से पिछड़े व कमजोर लोगों को छत मुहैया कराने के लिए केंद्र की मोदी सरकार ने अपने पहले कार्यकाल में प्रधानमंत्री आवास योजना शुरू की थी। योजना के तहत जिले में वित्तीय वर्ष 2016-17 व 2017-18 और 2018-19 के 12 हजार 997 आवास तैयार हैं। इन परिवारों को निरोगी बनाए रखने की योजना भी है। सभी लाभार्थियों के आवास के सामने सहजन के दो-दो पौधे लगवाए जाएंगे।
विकास विभाग मनरेगा या किसी भी अन्य मद से लाभार्थियों को सहजन के पौधे उपलब्ध कराए। इसकी कवायद शुरू हो गई है। सहजन की फली से लेकर पत्ती तक स्वास्थ्य के लिए गुणकारी है। इसमें तमाम औषधीय गुण होते हैं। सहजन की फली तीन सौ से ज्यादा रोगों में लाभकारी है। इसमें 92 तरह के मल्टी विटामिन, 46 तरह के एंटी-ऑक्सीडेंट व 18 तरह का एसिड होता है। यह 36 तरह के दर्द को दूर करने वाला होता है। इसमें दूध से सत्रह गुना ज्यादा कैल्शियम, गाजर से दस गुना ज्यादा वीटा कैरोटिन, केले से तीन गुना ज्यादा पोटैशियम, संतरे से सात गुना ज्यादा विटामिन-सी व पालक से 25 गुना अधिक आयरन पाया जाता है।
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401 लाभार्थियों को करना होगा इंतजार
जिले में अभी भी करीब 401 लाभार्थियों को आवास के लिए इंतजार करना होगा। इन लाभार्थियों के आवास पर अभी काम चल रहा है। प्रशासन दावा कर रहा है कि वह इन सभी को गृह प्रवेश तक पूर्ण करा लेगा, इसकी उम्मीद बहुत कम है। वहीं 38 लाभार्थी ऐसे हैं जिनके खाता संख्या में तकनीकी दिक्कत के चलते किस्त का लाभ अभी तक नहीं मिल पाया है। इसमें सुधार की प्रक्रिया चल रही है।
तमाम गुणों से भरपूर है सहजन
सहजन की जड़, छाल, पत्तियों और फलियों के सेवन से कई तरह के रोग दूर हो जाते हैं। इसका सूप स्वास्थ्य के लिए गुणकारी होता है। गर्भावस्था में सहजन का सेवन करने से कमजोरी दूर हो जाती है। आयुर्वेद में इस पेड़ से करीब तीन सौ रोगों के उपचार के बारे में बताया गया है। जानकारों के मुताबिक इसकी फली, हरी व सूखी पत्तियों में कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, कैल्शियम, पोटेशियम, आयरन, मैग्नीशियम, विटामिन-ए, सी और बी कांप्लेक्स प्रचुर मात्रा में होता है।
सहजन के सेवन से लाभ
-सहजन की फली और पत्ती का सूप पीने या दाल में सहजन की पत्ती मिलाकर सेवन करने से मौसमी बीमारियां सर्दी और जुकाम नहीं होता है।
-एड्स के रोगियों को यह हर्बल सप्लीमेंट के रूप में दिया जाता है।
-सहजन के सेवन से कब्ज की शिकायत दूर होती है। पेट साफ रहता है।
-सहजन में डाइयूरेटिक गुण होते हैं। यह शरीर की कोशिकाओं में अनावश्यक जल को कम करते हैं।
-सहजन की पत्ती को घी में गर्म कर प्रसूत को देने पर कमजोरी दूर होती है। दूध भरपूर मात्रा में आता है। बच्चे का स्वास्थ्य भी ठीक रहता है।
-सहजन हाई ब्लड शुगर लेवल को कम करता है। कोलेस्ट्रॉल कम करने की वजह से दिल की बीमारी का खतरा टलता है।
-सहजन के एंटी ऑक्सीडेंट तत्व एंटी-कैंसर होते हैं। यह त्वचा, लीवर, फेफड़े और गर्भाशय के कैंसर को रोकते हैं।
-सहजन के एंटी ऑक्सीडेंट तत्व कोशिकाओं की मरम्मत करते हैं। पोषक गुणों से भरपूर सहजन एनर्जी की कमी पूरी करता है।
-सहजन के नियमित सेवन से किडनी में जमे अनावश्यक कैल्शियम बाहर निकलते हैं। इससे किडनी में पथरी नहीं बनती है।
-सहजन में पर्याप्त मात्रा में जिंक, विटामिन और एमीनो एसिड होते हैं। यह मिलकर केरोटिन बनाते हैं। यह बालों के लिए अच्छा है।
-सहजन का तेल सोरायसिस, एक्जिमा रोग में लगाने से फायदा होता है।
तिथि निर्धारित कर पौधरोपण कराया जाएगा
पर्यावरण संरक्षण के लिए पौधरोपण जरूरी है। ऐसे में शासन की पहल सराहनीय है। आवास धारक हर हाल में सहजन का पौधा लगाकर जनपद को हरा-भरा बनाने में सहयोग करें। अगस्त के दूसरे सप्ताह में गृह प्रवेश की तिथि निर्धारित कर पौधरोपण कराया जाएगा। लगभग सभी आवास बनकर तैयार हैं। जो नहीं तैयार हैं, उन्हें एक सप्ताह में तैयार कर लिया जाएगा।
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-डॉ. रामचंद्र शर्मा, पीडी।
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