अमर उजाला ब्यूरो
कन्नौज। बालू खनन पट्टे में लखनऊ के ठेकेदार को धमकाने व पुलिस प्रशासन से उलझने के बाद जिले की राजनीति पिछले कई दिनों से गरमाई हुई है। प्रशासन के पैर पीछे न खींचने से भाजपाई रणनीति में बदलाव करते हुए हाईकमान की शरण में लखनऊ जा पहुंचे हैं।
प्रदेश के सीएम से लेकर डिप्टी सीएम तक अपनी गुहार लगाकर इस मामले से निकाले जाने का अनुरोध किया गया है। हालांकि जिले के पुलिस अधीक्षक हरीश चंदर मामले में आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की बात तो कर रहे लेकिन बुधवार से पुलिस की ओर से जिले भर में दी जा रही दबिशों पर विराम लग गया है। पिछले चौबीस घंटे के अंदर किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी के लिए दबिश नहीं दी गई। सूत्रों की माने तो मामला हाईकमान में पहुंचने के बाद पुलिस ने अपनी कार्रवाई को लचर कर दिया है।
मामले में आरोपी बनाए गए 27 नामजद आरोपियों की धरपकड़ के लिए पुलिस प्रशासन ने टीमें बनाकर आरोपियों के घरों व प्रतिष्ठानों पर कई बार दबिशें डाली। प्रशासन को सफलता भी हाथ लगी और एक आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भी भेजा है। अब मामला ठंडे बस्ते में जाता दिखाई दे रहा है। इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होगी इस पर अब कोई खुलकर कुछ बताने को तैयार नहीं है। मामले में आरोपी बनाए गए भाजपाई जब तक मामला पूरी तरह शांत नहीं हो जाता तब तक के लिए वह राजधानी में वरिष्ठ नेताओं के पास शरण लिए हुए हैं, अथवा वह भूमिगत हैं।
प्रभारी मंत्री का आश्वासन नहीं पड़ेगी कोई दबिश
विश्व योग दिवस पर मुख्य अतिथि के तौर पर पहुंचे जिले के प्रभारी मंत्री संदीप सिंह को भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष सुब्रत पाठक, जिलाध्यक्ष नरेंद्र राजपूत सहित अन्य पदाधिकारियों ने मुलाकात कर टेंडर प्रकरण में हुए बवाल व प्रशासन की भूमिका से अवगत कराया। कहा कि पुलिस प्रशासन ने कार्यकर्ताओं का उत्पीड़न किया है। जिलाध्यक्ष ने कहा कि प्रभारी मंत्री ने आश्वासन दिया कि वह प्रशासनिक अधिकारियों से इस मसले पर वार्ता करेंगे और अब किसी भी कार्यकर्ता के यहां दबिश व गिरफ्तारी नहीं होगी।
- प्रशासन पर मामला निपटाने का बनवाया जा रहा दबाव, पुलिस की कार्रवाई में आई शिथिलता