क्षेत्र के ग्राम भरौली सिरकनेपुर में उस समय हड़कंप
मच गया, जब एक ही परिवार के 10 लोगों की हालत बिगड़ गई। किसी तरह ग्रामीणों
ने सभी को सीएचसी में भर्ती कराया। यहां उपचार के बाद देर शाम सभी की हालत
में सुधार हो सका। डाक्टरों ने एक साथ तबियत खराब होने की वजह फूड
प्वाइजनिंग बताया है।
ग्राम भरौली सिरकनेपुर निवासी रामचंद्र ने बताया
कि शुक्रवार की दोपहर उसकी बहू किरण पत्नी रावेंद्र सिंह ने खाने में बंद
गोभी, टमाटर, आलू की सब्जी और रोटी बनाई थी। जिसे उसके पुत्रों रावेंद्र
सिंह, मुलायम सिंह, कप्तान सिंह, अंकित और अलका (पांच), वर्षा (छह), डेढ़
वर्ष की प्रियंका, रवि (आठ) ने साथ बैठकर खाना खाया था।
कुछ ही देर बाद सभी
लोगों को घबराहट होने के साथ ही उल्टियां होनी शुरू हो गई। इससे उनके
परिवार में हड़कंप मच गया। इस दौरान घर कई छोटे-छोटे बच्चे उल्टियां करते
हुए अचानक बेहोश हो गए। जिससे परिवार में कोहराम मच गया। घर में
शोरशराबा सुनकर आस पड़ोस के ग्रामीण दौड़ पड़े। जब ग्रामीणों ने अंदर का
नजारा देखा तो वह सब दंग रह गए।
ग्रामीणों ने किसी तरह वाहन की व्यवस्था कर
सभी लोगों को नगर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया। यहां
डाक्टरों ने सभी का प्राथमिक उपचार किया। प्राथमिक उपचार के बाद देर शाम
सभी लोगों की हालत में सुधार हो सका। सीएचसी के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ.
राहुल मिश्रा ने एक साथ सभी की हालत खराब होने की वजह फूड प्वाइजनिंग होना
बताया है।