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UP: जोमैटो से 270 रुपये की वापसी के नाम पर जालसाज ने हजम किए 91 हजार, एक गलती और महिला हुई जालसाजी का शिकार

Thu, 19 Jun 2025 03:31 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, झांसी

सार

Zomato Refund Scam Jhansi: झांसी में जोमैटो से 270 रुपये की वापसी के नाम पर जालसाज ने 91 हजार रुपये हजम कर लिए। कस्टमर केयर का ऑनलाइन नंबर तलाशने पर महिला जालसाजी का शिकार हो गई।
 
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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Cyber Fraud Case: झांसी में जोमैटो से ऑनलाइन खाना मंगाने के बाद गलती से गए पैसे की वापसी पाने के चक्कर में महिला 91 हजार रुपये गवां बैठी। साइबर ठगों ने महिला के मोबाइल पर एक लिंक भेजकर खाते से रुपये निकाल लिए। भुक्तभोगी महिला ने सीपरी बाजार थाने में बुधवार को अज्ञात जालसाज के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
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सीपरी बाजार के सूर्यपुरम आवास विकास कॉलोनी निवासी शिवा पत्नी आशीष राय ने पुलिस को बताया कि उन्होंने 15 जून को जोमैटो कंपनी से ऑनलाइन खाना मंगवाया था। उसे 170 रुपये का भुगतान करना था, लेकिन गलती से 270 रुपये का भुगतान हो गया।

उसने बर्गर प्वाइंट रेस्टोरेंट के डिलीवरी ब्वॉय से बात की और बुकिंग रद्द करवा दी। उसने कस्टमर केयर में फोन करके शिकायत दर्ज कराने को कहा। इसके बाद शिवा ने गूगल से जोमैटो के कस्टमर केयर का नंबर खोजा।
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इसमें एक नंबर मिलने पर उन्होंने कॉल किया। उधर से उनको पैसा वापस करने का भरोसा दिलाकर एक लिंक भेजकर बैलेंस चेक करने के लिए कहा गया। जैसे ही उन्होंने लिंक को क्लिक किया, उनके खाते से पैसे निकल गए। कुछ देर बाद 91 हजार रुपये निकलने का मैसेज आ गया। यह देखकर उनके होश उड़ गए।

उन्होंने साइबर टोल फ्री नंबर 1930 पर फोन करके भी शिकायत की। इसके बाद पति के साथ सीपरी बाजार थाने पहुंचकर अज्ञात जालसाज के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। सीपरी बाजार थाना प्रभारी आनंद सिंह का कहना है कि इस मामले की छानबीन की जा रही है।

 
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साइबर ठगी से बचाव के तरीके
गूगल पर किसी भी कंपनी के ऑनलाइन नंबर तलाशने से बचना चाहिए। अधिकांश ठगी इसके जरिये होती है।
कस्टमर केयर का नंबर स्थानीय रिटेलर के यहां से जाकर प्राप्त कर सकते हैं।
अनजान नंबर से आए लिंक को क्लिक करने से बचना चाहिए।
बैलेंस चेक करने के लिए किसी बाहरी व्यक्ति के भेजे लिंक के बजाय अपने मोबाइल एप के माध्यम से उसे देखना चाहिए।
पैसा खाते में क्रेडिट होने पर मैसेज आता है तो लिंक के जरिये बैलेंस चेक करने की जल्दीबाजी नहीं करनी चाहिए।
कई जालसाज लोगों के सोशल मीडिया अकाउंट पर उन्हें लुभावने ऑफर का लालच देकर फर्जी लिंक्स के जरिए अपना शिकार बनाते हैं।
अपने बैंक अकाउंट, यूपीआई या किसी एप के ओटीपी को किसी दूसरे व्यक्ति के साथ साझा नहीं करना चाहिए।
- साइबर विशेषज्ञ डॉ. राजीव त्रिपाठी
 
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