पुलिस के मुताबिक सीपरी बाजार के गोदूं कंपाउंड निवासी शैलेंद्र सिंह (38) पुत्र चंद्रपाल सिंह प्राइवेट काम करता था। जयपुर में हाईकोर्ट क्लर्क पद के लिए उसने फार्म भरा था। रविवार को उसी की परीक्षा देने गया था। शाम को वह गीता जयंती एक्सप्रेस में सवार होकर झांसी लौट रहा था। रास्ते में उसकी तबियत बिगड़ी। अस्पताल ले जाने पर डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
जयपुर से हाईकोर्ट क्लर्क की परीक्षा देकर झांसी अपने घर लौट रहे छात्र की तबियत अचानक खराब हो गई। सोमवार सुबह उसे महारानी लक्ष्मीबाई रेलवे स्टेशन में ट्रेन से उतारकर मेडिकल कालेज ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
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पुलिस के मुताबिक सीपरी बाजार के गोदूं कंपाउंड निवासी शैलेंद्र सिंह (38) पुत्र चंद्रपाल सिंह प्राइवेट काम करता था। जयपुर में हाईकोर्ट क्लर्क पद के लिए उसने फार्म भरा था। रविवार को उसी की परीक्षा देने वह गया था। परिजनों का कहना है कि रविवार शाम को परीक्षा देने के बाद वह गीता जयंती एक्सप्रेस में सवार होकर झांसी लौट रहा था।
उसके पिता चंद्रपाल एवं मां योगेंद्र इन दिनों तीर्थ यात्रा के लिए द्वारिका गए हुए हैं। परिजनों का कहना है कि रास्ते में शैलेंद्र से लगातार बात होती रही लेकिन, रात करीब ग्यारह बजे के बाद उसका फोन उठना बंद हो गया। कई बार कॉल करने पर सहयात्री ने फोन उठाकर उसकी तबियत के बिगड़ने की बात बताई। जब गाड़ी सोमवार सुबह झांसी पहुंची तब रेलवे के डॉक्टरों ने उसका परीक्षण किया। उन्होंने उसे मेडिकल कॉलेज भेज दिया। यहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बेटे की मौत की सूचना पाकर परिजन रो-रोकर बेहाल हो गए।