दतिया जसवंतपुर गांव में जहर खाने के बाद युवक की मौत हो गई। इसके पहले युवक ने एक वीडियो बनाया था, उसमें उसने जहर खाने के पीछे थाना प्रभारी, दरोगा समेत परिजनों को जिम्मेदार ठहराया। युवक की मौत के बाद शुक्रवार को उसका वीडियो वायरल हो गया। एसपी वीरेंद्र मिश्र ने तत्काल कार्रवाई करते हुए थाना प्रभारी एवं दरोगा को निलंबित कर दिया, जबकि पूरे मामले की जांच एएसपी दतिया को सौंप दी है।
जांच के अनुसार, लांच थाना क्षेत्र के जसवंतपुर गांव का रहने वाला वीरेंद्र जाटव (40) पुत्र विजय ने तीन अप्रैल की दोपहर जहर खा लिया था। हालत बिगड़ने पर उसे परिजन ग्वालियर लेकर पहुंचे। गुरुवार देर-रात उसकी मौत हो गई। इसके बाद शुक्रवार को वीरेंद्र का 1.05 मिनट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो में वीरेंद्र कह रहा है कि उसने तीन अप्रैल को थाने में एक आवेदन दिया, लेकिन उसकी सुनवाई नहीं हुई। उलटे थाना प्रभारी सविता शर्मा उसे झूठे मामले में फंसाने की धमकी दे रहीं थी। उससे 25 हजार रुपये रिश्वत मांग रही थीं। थाने में तैनात दरोगा वेद सिंह ने पंद्रह हजार रुपये ले लिए। वीरेंद्र ने जहर खाने के पीछे अपने भाई समेत थाना प्रभारी सविता शर्मा और दरोगा वेद को जिम्मेदार ठहराया।
शुक्रवार को एसडीओपी अखिलेश गोस्वामी ने मामले की जांच की। जांच में बात सामने आया कि दो अप्रैल को वीरेंद्र का अपने भाई उत्तम से विवाद हो गया था। उत्तम ने वीरेंद्र के खिलाफ लांच थाने में तहरीर दे दी। पुलिस ने वीरेंद्र समेत परिजनों को थाने बुला लिया, लेकिन कोई थाने नहीं पहुंचा। दरोगा वेद के कार्रवाई करने पर तीन अप्रैल को दोनों पक्ष थाने पहुंचे। यहां दरोगा के आवास पर दोनों पक्षों ने राजीनामा कर लिया। हालांकि वीडियो सामने आने के बाद तुरंत बाद एसपी वीरेंद्र मिश्र ने थाना प्रभारी सविता शर्मा एवं दरोगा वेद को निलंबित कर दिया। एसपी ने पूरे मामले की जांच एएसपी सुनील शिवहने को जांच सौंपते हुए जल्द रिपोर्ट देने को कहा है।