निवाड़ी के सेंधरी के देवरी कलरऊ निवासी अजय (32) पुत्र अमानलाल वंशकार प्राइवेट काम करता था। उसने काम करने के लिए कुछ पैसा कर्ज भी लिया था। परिजनों ने बताया कि 22 अगस्त की शाम को अजय घर से निकलकर बेतवा नदी पर बने नए नोटघाट पुल पहुंचा। यहां से रात करीब साढ़े नौ बजे अजय ने बेतवा में छलांग लगा दी।
थोड़ी देर बाद बदहवास हाल में परिजन नोट घाट पुल पर पहुंचे। यहां उसकी साइकिल और कपड़े मिले। पुलिस उसे तब से तलाशने में जुटी थी। रविवार को नए नोटघाट पुल से करीब सात किलोमीटर दूर उसकी लाश बड़ागांव के पास नदी में उतराती मिली। पुलिस ने उसके शव का पोस्टमॉर्टम कराया है।
आखिरी सलाम, किस्त नहीं भर पा रहा इसलिए दे रहा हूं जान
अजय ने आत्मघाती कदम उठाने से पहले रात करीब सवा नौ बजे अपने भाई मनीष को फोन किया था। मनीष ने बताया कि फोन पर अजय काफी दुखी था। उसने कहा, आखिरी सलाम करने को फोन किया है। कर्ज की किस्त नहीं चुका पा रहा हूं। दूसरा कोई रास्ता नहीं है। इस वजह से अब जान दे रहा हूं। उसकी मौत से परिवार में कोहराम मचा हुआ। पत्नी राधा समेत तीन छोटे-छोटे बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है।