झांसी। मंथन ने कृतिका व हुकुमेंद्र के पीछे गरदन में सटाकर गोली मारी, जो फंस गई। पोस्टमार्टम के दौरान कृतिका के गले के अंदर फंसी गोली नहीं निकल सकी। पोस्टमार्टम रोककर दोबारा जिला अस्पताल लाकर एक्स-रे कराया गया। एक्स-रे में गोली मिलने के बाद देर रात पोस्टमार्टम हुआ। वहीं, हुकुमेंद्र की गरदन के अंदर गोली फंसी होने के कारण उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। हालत गंभीर देखते हुए देर शाम उसे चिकित्सकों ने दिल्ली रेफर कर दिया। मेडिकल कॉलेज व पोस्टमार्टम हाउस पर कई थानों का फोर्स तैनात रहा।
मोबाइल का लॉक खोलने में हुई परेशानी
घटना के बाद पुलिस को कृतिका के पास से उसका मोबाइल भी मिला। लेकिन, लॉक लगा होने के कारण पुलिस उसे खोल नहीं सकी। पुलिस ने परिवार के लोगों से भी जानकारी ली। कई घंटे की मशक्कत के बाद फोन का लॉक खुला। पुलिस मोबाइल को कब्जे में लेकर जांच कर रही है।