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प्रकृति व संस्कृति के उपासक रहे डॉ. वर्मा

Sun, 10 Jan 2016 12:45 AM IST
झांसी/ब्यूरो
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झांसी। शनिवार को उपन्यास सम्राट एवं पदम भूषण डा. वृंदावन लाल वर्मा की जयंती विभिन्न संगठनों द्वारा मनाई गई। इस मौके पर वक्ताओं ने उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए उन्हें बुंदेलखंड की प्रकृति एवं संस्कृति का उपासक बताया।
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डा. वर्मा स्मृति समिति एवं राजकीय संग्रहालय के संयुक्त तत्वावधान में राजकीय संग्रहालय में हुए समारोह में मुख्य अतिथि नगर विधायक रवि शर्मा ने कहा कि बाबू डा. वृंदावन लाल वर्मा ने अपनी लेखनी से बुंदेलखंड का नाम रोशन किया है। बाबू जी सच्चे साधक थे। विशिष्ट अतिथि पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन आदित्य ने कहा कि बाबू जी ने बुंदेलखंड के शौर्य को अपनी कलम से विश्व के समक्ष प्रस्तुत किया।

साहित्यकार जानकी शरण वर्मा ने कहा कि सहकारिता से समाज की समस्याओं का निदान सरलता से किया जा सकता है। आकाशवाणी के निदेशक डा. कमल नारायण ने कहा कि बाबू जी की लेखनी में प्रकृति का सजीव वर्णन है। पूर्व मंत्री हरगोविंद कुशवाहा ने कहा कि श्याम सी ग्राम को राष्ट्रीय स्मारक घोषित किया जाए।
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इस मौके पर बीआईसी में हुई निबंध प्रतियोगिता के विजेताओं ग्रेसी यादव, अरविंद पाल, यशवंत सेन को प्रमाण पत्र एवं शील्ड प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर राज नारायण शुक्ल, त्रिभुवन नाथ त्रिवेदी, नरोत्तम स्वामी, मदन गोपाल बिरथरे, लक्ष्मी कांत वर्मा, मधुर वर्मा, ओम प्रकाश कोहली, शालिगराम राय, डा. सुनील तिवारी, सुदर्शन शिवहरे,

वीरेश्वर शुक्ला, सीताराम श्रीवास्तव, डा. धन्नू लाल गौतम, उर्मिला वर्मा, मीना वर्मा, अनीता वर्मा, चंद्रभान तिवारी, कांग्रेस जिलाध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी, डा. जगदीश खरे, प्रगति शर्मा, डा. साफिया खान, दीपक त्रिपाठी, ओम प्रकाश कपूर आदि मौजूद रहे। संचालन डा. नीति शास्त्री ने किया, जबकि आभार रमाकांत वर्मा ने जताया।    

इधर भारतीय साहित्य संगम के सदस्यों एवं कांग्रेसियों ने ऐतिहासिक दुर्ग क ी तलहटी में स्थित डा. वृंदावन लाल वर्मा की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए। इस अवसर पर जानकी शरण वर्मा, पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन आदित्य, राम प्रकाश अग्रवाल, चंद्रशेखर तिवारी, लक्ष्मीकांत वर्मा, अरविंद वशिष्ठ, केदार नाथ अग्रवाल, डा. सुनील तिवारी, सीडी लिटोरिया, मनीराम कुशवाहा, लक्ष्मी नारायण साहू, मधुर वर्मा ,जगमोहन मिश्रा, अमीर चंद्र आर्य, सुनील नैनवानी, पंकज जैन आदि मौजूद रहे।  

वहीं सरल साहित्य संगम द्वारा सिविल लाइन में डा. वृंदावन लाल वर्मा की जयंती मनाई गई। इस अवसर पर डा. गौरी शंकर उपाध्याय, बृजलता मिश्रा, गोविंद नारायण चतुर्वेदी, राजकुमार अमरया आदि ने डा. वृंदावन लाल वर्मा के व्यक्तित्व व कृतित्व पर प्रकाश डाला।
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