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पाइप पेयजल योजनाओं का प्रबंधन करेंगी महिलाएं: शेखावत

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झांसी के कस्बा चिरगांव के ग्राम मुराटा में 12 ग्रामीण पाइप पेयजल परियोजनाओं के निर्माण कार्य के श?
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झांसी। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि पाइप पेयजल योजनाओं का संचालन समितियों द्वारा किया जाएगा और इन समितियों में पचास फीसदी महिलाएं होंगी। जल संकट के अभिशाप की मुक्ति के लिए जल आंदोलन को ‘जन-जल आंदोलन’ बनाना होगा। उन्होंने कहा कि हर घर जल योजना को साकार रूप देने में धन की कमी आड़े नहीं आने दी जाएगी। प्रदेश को तीस हजार करोड़ रुपये पानी की स्वच्छता के लिए मिलने वाले हैं।
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जल शक्ति मंत्री ने कहा कि बुंदेलखंड में पानी के लिए महिलाओं को सिर पर मटका लेकर कई किलोमीटर तक जाना पड़ता है। इस अभिशाप से मुक्त करने का बीड़ा प्रधानमंत्री ने उठाया है। उन्होंने कहा कि मोदी है तो मुमकिन है। प्रधानमंत्री ने 35 करोड़ लोगों के बैंक खाते खुलवाए, हर घर में शौचालय पहुंचाए और साठ करोड़ लोगों को अभिशाप से मुक्त कराया। प्रधानमंत्री ने 2024 तक हर घर में पानी पहुंचाने का लक्ष्य बनाया, परंतु इसे 2022 तक पूर्ण कर लिया जाएगा। ललितपुर, झांसी और महोबा के लिए बांधों से पानी लेंगे और उसे घर-घर पहुंचाएंगे। उत्तर प्रदेश में कोरोना आपदा में अवसर को खोजा है। एक करोड़ लोगों को मुख्यमंत्री रोजगार उपलब्ध करा रहे हैं। बुंदेलखंड के लगभग ढाई हजार पुराने तालाबों का जीर्णोद्धार किया जाए। पानी बचाने की जिम्मेदारी हम सभी को लेनी होगी। खेत का पानी खेत में और गांव का पानी गांव में रखना होगा।
पहले सैफई में ही बन पाए थे शौचालय
झांसी। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने से पहले उत्तर प्रदेश में सिर्फ सैफई में ही कुछ शौचालय बनाए गए थे। इसके अलावा इस योजना अन्य जिलों में पहुंचाने का काम नहीं किया गया था। जबकि, योगी के नेतृत्व में बनी भाजपा सरकार ने प्रधानमंत्री मोदी के हर घर में शौचालय के लक्ष्य को तेजी से पूरा किया और शत प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने वाले पहले पांच प्रदेशों में शामिल हुआ। सत्तर सालों में सिर्फ 16 प्रतिशत घरों में ही पानी पहुंच पाया। लेकिन, प्रधानमंत्री मोदी ने लाल किले की प्राचीर से हर घर तक पानी पहुंचाने की घोषणा की थी। लक्ष्य 2024 निर्धारित किया गया था, परंतु योगी ने 2022 में ही इसे पूरा करने का संकल्प लिया है। इसकी शुरुआत बुंदेलखंड की धरती से हो रही है।
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