महिला अस्पताल में सिक न्यू बॉर्न केयर यूनिट (एसएनसीयू) की शुरूआत हो गई है। यूनिट में 12 बेड हैं। यहां पर समय से पूर्व होने वाले और जन्म के बाद किसी प्रकार की समस्या होने पर नवजात का इलाज किया जाएगा। इसके साथ ही अस्पताल में दो-दो बेड के दो लेबर रूम का भी शुभारंभ हो गया। यहां तीन डाक्टरों की नियुक्ति की गई है।
महिला अस्पताल में बहुत समय से एसएनसीयू के उद्घाटन की का इंतजार हो रहा था। सोमवार को राज्यसभा सांसद चंद्रपाल सिंह यादव ने इसका उद्घाटन किया। विधायक दीपनारायण सिंह यादव ने कहा कि इस यूनिट की शुरूआत से नवजात का बेहतर इलाज हो सकेगा। सीएमओ डॉ. विनोद कुमार यादव ने कहा कि 12 बेड की इस यूनिट के लिए तीन डॉक्टर भी नियुक्त किए गए हैं। दिन में आठ-आठ घंटे के लिए प्रत्येक डॉक्टर की तैनाती रहेगी। मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. ओमशंकर चौरसिया ने बताया कि मेडिकल कॉलेज में मेडिकल कॉलेज में 18 बेड की एसएनसीयू खुली हुई है। अक्सर कई बेडों में एक से अधिक नवजातों को रखना पड़ जाता है। ऐसे में महिला अस्पताल में यूनिट खुलने से लोड कम होगा।
इस दौरान विधायक रवि शर्मा, पूर्व मंत्री प्रदीप जैन, एडी डॉ. एसबी मिश्रा, सीएमएस महिला अस्पताल डॉ. पीके खत्री, डॉ. आरएस वर्मा, डॉ. एनके जैन, डॉ. वीके गुप्ता, डॉ. बीके जैन, डीपीएम ऋषिराज सिंह आदि मौजूद रहे।
प्राइवेट में इलाज पड़ता बहुत महंगा
प्राइवेट अस्पतालों में एसएनसीयू का खर्च उठा पाना सामान्य आदमी के बस की बात नहीं है। एसएनसीयू में गंभीर स्थिति के नवजातों को रखा जाता है। ऐसे में निजी चिकित्सालय द्वारा जमकर वसूली की जाती है। वेंटिलेटर पर नवजात को रखने का ही 5000 रुपये तक चार्ज लगाते हैं। वहीं, 50 रुपये प्रतिघंटे के हिसाब से ऑक्सीजन की वसूली होती है। एक दिन ऑक्सीजन की सप्लाई पर 1200 रुपये लिए जाते हैं। दवाओं के भी दो से तीन हजार रुपये पड़ते हैं। अगर दस दिनों तक नवजात अस्पताल में भर्ती रह गया तो 80 से 90 हजार रुपये तक इलाज में खर्च हो जाते हैं। जबकि, सरकारी चिकित्सालयों में नि:शुल्क इलाज होता है।
ये सुविधाएं होंगी
- इंफ्यूशन पंप से नवजात को फ्लूड दिया जाएगा।
- फोटोथेरिपी मशीन से सिकाई कर पीलिया को कम किया जा सकेगा।
- नवजात के शरीर का तापमान तय करने के लिए उपलब्ध है वार्मर।
- ऑक्सीजन की कमी होने पर मशीन से इसे नवजात को दिया जाएगा।
- ट्रांसपोर्ट इंक्यूगेटर से बच्चा जांच को यूनिट से बाहर ले जाया जाएगा।