राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के अंतर्गत बेरोजगारों को ज्यादा से ज्यादा रोजगार मिले, इसके लिए शासन ने योजना में थोड़ा सा बदलाव कर दिया है। अब मार्च के बाद बेरोजगारों को रोजगार के ज्यादा से ज्यादा अवसर खुल जाएंगे। सरकारी विभागों में आउटसोर्स पर आजीविका मिशन में पंजीकृत लोग ही रखे जाएंगे।
जिला नगरीय विकास अभिकरण (डूडा) द्वारा शहरी आजीविका केंद्र संचालित है। यहां पर लगभग 70 ट्रेड में पारंगत 250 युवाओं के रजिस्ट्रेशन हैं। यह युवा ऑन काल (फोन पर बुलाने से) लोगों की समस्याओं का समाधान करते हैं। इसका उद्देश्य शहर क्षेत्र के गरीब बेरोजगार युवाओं को रोजगारपरक कार्यक्रमों से जोड़ना है। इसके अंतर्गत करीब 250 युवाओं ने इलैक्ट्रीशियन, प्लंबर, मजदूर, एअर कंडीशनर मैकेनिक, फ्र्रिज मैकेनिक, दोपहिया वाहन मैकेनिक राजमिस्त्री, ड्राइवर आदि ट्रेडों में रजिस्ट्रेशन कराया था। इसका उद्देश्य था कि शहर के किसी व्यक्ति की यदि बिजली खराब हो जाती है, फ्रिज या एअर कंडीशनर खराब हो जाता है तो उसे इधर-उधर न भटकना पड़े, बल्कि नगर निगम स्थित शहरी आजीविका केंद्र पर सूचना दे दे तो उसके घर मेकेनिक पहुंच जाएगा और समस्या का समाधान हो जाएगा।
युवाओं ने रजिस्ट्रेशन तो कराया, लेकिन उन्हें अपेक्षित लाभ नहीं मिला। स्थिति यह बनी कि यदि किसी के घर बिजली खराब हो जाती है तो वह इन आजीविका केंद्र के मैकेनिक के भरोसे नहीं रहता, बल्कि वह बिजली के परंपरागत मैकेनिक को बुलाता है। इससे योजना परवान नहीं चढ़ सकी। प्रदेश भर से इस प्रकार की समस्याएं आने पर शासन ने अब इसमें निर्णय लिया है कि सरकारी विभागों में आउटसोर्स के माध्यम से भर्ती होने वाले युवाओं में शहरी आजीविका मिशन के अंतर्गत पंजीकृत युवाओं को वरीयता दी जाए। इसके लिए शासन के मुख्य सचिव ने आदेश जारी कर दिया है।
निर्वाचन कार्यालय में तीन कर्मचारी लगे
शासनादेश में बदलाव होने से अब बेरोजगारों को रोजगार देने में ज्यादा सुविधा हो गई है। हाल ही में निर्वाचन कार्यालय में तीन कर्मचारियों को लगाया गया है। जल्द ही अन्य विभागों में यहां पंजीकृत बेरोजगारों को मौका दिया जाएगा। मार्च में वित्त वर्ष समाप्त होने के बाद नए वित्त वर्ष से इस कार्य में और तेजी आएगी। जो कर्मचारी शहरी आजीविका के माध्यम से लगाए जाएंगे, उन्हें आरटीजीएस से भुगतान किया जाएगा। इससे पूरी पारदर्शिता रहेगी।
- पंकज श्रीवास्तव
परियोजना अधिकारी (डूडा)