करोड़ों रुपये के ऑनलाइन सट्टा कारोबार में अब हवाला कनेक्शन भी सामने आया है। सटोरियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि देश के कई हिस्सों में पैसों का लेनदेन हवाला के जरिये किया जाता था। इसमें शहर के सराफा बाजार के कुछ कारोबारियों की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है।
पुलिस के अनुसार, सटोरिये दिल्ली, मुंबई, कानपुर समेत कई शहरों में हवाला के माध्यम से रकम भेजते और मंगाते थे। शुभम उपाध्याय की गिरफ्तारी के बाद मिले रजिस्टर और डायरी से इस नेटवर्क के अहम सुराग हाथ लगे हैं। जांच के बाद कई स्थानीय हवाला कारोबारी भूमिगत हो गए हैं, जिनकी तलाश जारी है। पिछले दो सप्ताह में पुलिस ने नीरज निरंजन, दिलीप सिंह उर्फ विजय परिहार, बृजेंद्र राजपूत, शुभम उपाध्याय, नितिन अग्रवाल समेत कई आरोपियों को पकड़ा है। ये सभी दुबई से संचालित एप के जरिये ऑनलाइन सट्टा चलाते थे।
पुलिस जांच जारी
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, सिर्फ शुभम की वेबसाइट पर ही देश के बड़े शहरों के कारोबारियों की आईडी मिली हैं, जो करोड़ों का दांव लगाते थे। जांच में सामने आया है कि हवाला कारोबारियों के जरिये मिनटों में करोड़ों रुपये का लेनदेन किया जाता था, जिसमें करीब एक प्रतिशत कमीशन लिया जाता था। एसएसपी बीबी जीटीएस मूर्ति ने बताया कि हवाला कनेक्शन के महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं और मामले की गहन जांच जारी है।
रिमांड पर लेकर होगी पूछताछ
हवाला नेटवर्क की गहराई तक पहुंचने के लिए पुलिस शुभम उपाध्याय, नितिन अग्रवाल और विजय बाधवा को रिमांड पर लेने की तैयारी में है। अधिकारियों का मानना है कि पूछताछ में कई अहम खुलासे हो सकते हैं।
सोमवार को होता था पूरा हिसाब-किताब
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि शुभम उपाध्याय के एप से 50 हजार से अधिक लोग जुड़े थे। वह खुद सुपर एडमिन था और उसके नीचे सब एडमिन व मिनी एडमिन काम करते थे। मोहल्लों तक एजेंटों के जरिये नेटवर्क फैला था। रोजाना छोटे स्तर पर लेनदेन होता था, लेकिन पूरे सप्ताह का हिसाब केवल सोमवार को किया जाता था, ताकि पुलिस की नजर से बचा जा सके।