झांसी। गाड़ी की नंबर प्लेट पर उत्तर प्रदेश शासन या पद नाम लिखवाकर रौब गालिब करना अफसरों को भारी पड़ सकता है। मुख्यालय के निर्देश पर परिवहन विभाग इसके खिलाफ अभियान छेड़ने जा रहा है। इस संबंध में परिवहन विभाग द्वारा विभागों को पत्र जारी कर दिए गए हैं।
मोटर व्हीकल एक्ट के तहत वाहनों की नंबर प्लेट पर नंबर के अलावा अन्य कुछ भी अंकित नहीं होना चाहिए। प्राइवेट गाड़ियों पर सफेद प्लेट तथा टैक्सी परमिट गाड़ियों पर पीली प्लेट पर काले रंग से नंबर का अंकित होना अनिवार्य है।
नंबर भी एकदम स्पष्ट होने चाहिए, ताकि वह आसानी से पढ़े जा सकें। लेकिन, सड़क पर दौड़ते तमाम वाहनों पर यह नियम दिखाई नहीं देता है। गाड़ियों पर स्टाइलिश नंबर प्लेट नजर आती हैं। कई गाड़ियों पर तो इस हद तक नंबर स्टाइलिश होते हैं कि उन्हें समझना भी मुश्किल हो जाता है।
नियमों को नजरअंदाज करने में सरकारी विभाग भी पीछे नहीं है। सरकारी गाड़ियों पर भी नंबर प्लेट पर उत्तर प्रदेश शासन, विभाग का नाम या अधिकारी का नाम अंकित कर दिया जाता है। लेकिन, अब यह स्थिति ज्यादा दिनों तक चलने वाली नहीं है। परिवहन विभाग ने इस पर कड़ा रुख अपना लिया है। विभाग के मुख्यालय से इसकी सघन जांच के निर्देश दिए गए हैं। खासतौर पर सरकारी गाड़ियों की निगहबानी की जानी है।
सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) सर्वेश कुमार सिंह ने बताया कि सभी सरकारी विभागों को पत्र जारी किए गए हैं, जिसमें उन्हें गाड़ी की नंबर प्लेट पर सिर्फ नंबर ही अंकित कराने निर्देश दिए गए हैं। नंबर के अलावा अन्य कुछ भी लिखा मिलने पर वाहनों के खिलाफ मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्रवाई होगी।