झांसी। सूखे से कराह रहे बुंदेलखंड में छुट्टा घूमने वाले जानवरों के खाने का प्रबंध करने में भले ही सरकार मानवीयता का परिचय दे रही हो, लेकिन ठेकेदार यहां भी मोटा मुनाफा कमाने से नहीं चूक रहे हैं। चारा खरीद के लिए ठेकेदारों ने पूल बनाकर टेंडर डाले, इस कारण पशु पालन विभाग के सामने बाजार से दो गुने दाम में चारा खरीदने का संकट खड़ा हो गया है।
बुंदेलखंड में भूख से पशुओं की मौत न हो इसके लिए सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में आश्रय केंद्र खोलने का निर्णय लिया है। आश्रय केंद्रों के लिए प्रशासन ने दस हजार क्विंटल भूसा की खरीद करने का निर्णय लिया है। भूसा खरीद के लिए पशु पालन विभाग द्वारा निकाले गए टेंडर हेतु 14 फार्म बुधवार को बिके थे। लेकिन, ठेकेदारों ने पूल बनाकर एक ही टेंडर डालने का निर्णय लिया था।
ठेकेदार अपनी रणनीति में सफल हो गए थे, लेकिन एक फर्म ने पूल में शामिल होने से मना कर दिया था, इस कारण तीन टेंडर डाले गए। टेंडर डालने के दौरान उनमें आपस में विवाद हो गया था। विवाद को देखते हुए पशु पालन विभाग ने बुधवार को टेंडर नहीं खुल सके थे। बृहस्पतिवार को टेंडर खुले तो सबसे कम दाम 980 रुपये प्रति क्विंटल आए।
बाजार में चारे की कीमत 450 से 500 रुपये प्रति क्विंटल है, जबकि वर्तमान में पशुपालन विभाग 820 रुपये प्रति क्विंटल में खरीद कर रहा है। ललितपुर में चारा खरीद का टेंडर 770 रुपये प्रति क्विंटल में और जालौन में 649 रुपये में हुआ है। अधिक दाम आने के कारण पशुपालन विभाग के अधिकारियों ने अभी कोई फैसला नहीं लिया है।
मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डा. सुधीर सिंह ने बताया कि रेट काफी अधिक हैं।
ऐसे में विभाग को काफी नुकसान होगा। चारा खरीदने के लिए बनी कमेटी शुक्रवार को बैठक कर मामले में विचार विमर्श करेगी। विचार विमर्श के बाद निकले परिणाम से जिलाधिकारी को अवगत कराया जाएगा। जिलाधिकारी के निर्देश पर ही आगे का फैसला लिया जाएगा।