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Jhansi News: एनओसी के पेच में फंसा ओरछा मार्ग का चौड़ीकरण

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- वन विभाग और सेना ने एनओसी देने से किया इन्कार
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- रिसाला चुंगी से भगवंतपुरा तक होना है सड़क का चौड़ीकरण
अमर उजाला ब्यूरो


झांसी। झांसी से ओरछा मार्ग का चौड़ीकरण एनओसी न मिलने से फंस गया है। मार्ग के निर्माण के लिए वन विभाग और रक्षा मंत्रालय ने एनओसी देने से इन्कार कर दिया है। पीडब्ल्यूडी अभियंताओं का कहना है कि बिना एनओसी मिले यह काम नहीं कराया जा सकेगा।
विश्व प्रसिद्ध पर्यटक स्थल ओरछा को जोड़ने वाली सड़क अभी डबल लेन है। जबकि इस पर अत्याधिक ट्रैफिक लोड है। पिछले साल लोक निर्माण विभाग ने सड़क के ट्रैफिक लोड की गणना कराई थी। ट्रैफिक लोड को देखते हुए इस मार्ग को फोरलेन करने की जरूरत बताई गई। इसके आधार पर पीडब्ल्यूडी ने रिसाला चुंगी से भगवंतपुरा के बीच मार्ग को चौड़ा करने का प्रस्ताव बनाया।
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इसमें चौड़ीकरण समेत सड़क के बीचों-बीच डिवाइडर बनाने एवं सेंट्रल लाइटिंग का भी काम होना था। नगर निगम को भी यहां 3.5 करोड़ रुपये से काम कराना था। यह प्रस्ताव बनने के बाद पीडब्ल्यूडी ने वन विभाग और सेना से एनओसी मांगी, लेकिन दोनों विभागों ने एनओसी देने से इन्कार कर दिया। बता दें, इस सड़क के बाईं ओर की भूमि वन क्षेत्र की है जबकि दाहिनी तरफ की जमीन सेना के अधिकार में है। ऐसे में दोनों विभागों की एनओसी के बिना यहां काम कराना मुश्किल है। लोनिवि के अधिशासी अभियंता दीपांकर चौधरी का कहना है कि एनओसी के बिना यहां काम नहीं कराया जा सकता। इसके लिए प्रयास किया जाएगा।
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इनसेट


दस किलोमीटर लंबी सड़क का होना है चौड़ीकरण
झांसी से भगवंतपुरा की दूरी करीब दस किमी है। नगर निगम सीमा में होने के नाते कुछ समय पहले निगम ने यहां स्ट्रीट लाइट लगवाई थीं। भगवंतपुरा से ओरछा की दूरी करीब आठ किमी है। यह हिस्सा मध्यप्रदेश की सीमा में आता है। इस वजह से भगवंतपुरा तक ही सड़क चौड़ीकरण का कार्य कराया जा रहा है।
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