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बिल्डिंग बनने के बाद भी क्यों शिफ्ट नहीं हो रहा कोर्ट

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झांसी। सोमवार को डीआरएम आशुतोष ने रेलवे स्टेशन के निरीक्षण के दौरान रेलवे परिसर में स्थित न्यायालय के नई बिल्डिंग में शिफ्ट न हो पाने का कारण अफसरों से पूछा। पता लगा कि इंजीनियरिंग विभाग ने न्यायालय अधिकारियों से बिना विचार विमर्श किए बिल्डिंग को तैयार कर दिया। बिल्डिंग न्यायालय की व्यवस्थाओं के अनुरूप नहीं बनी है। न्यायालय की पुरानी बिल्डिंग न टूटने से रेलवे परिसर में बदलाव के काम पूरे नहीं हो पा रहे हैं।
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निरीक्षण के दौरान उन्होंने रेलवे परिसर में चल रहे कार्यों की ले आउट से समीक्षा की। परिसर में पार्किंग और डीलक्स टॉयलेट को देखा। प्लेटफार्म सात का निरीक्षण करते हुए दिल्ली छोर पर बनने जा रहे फुट ओवरब्रिज के काम का जायजा लिया। प्लेटफार्म पर मौजूद फास्ट फूड प्लाजा, स्टॉल, वाटर बूथ, वाटर कूलर, टीटीई लॉबी, वेटिंग रूम, प्रतीक्षालय, स्टेशन प्रबंधक कक्ष, रिजर्व लाउंज, सीसीटीवी निगरानी रूम, एस्केलेटर, लिफ्ट समेत अन्य यात्री सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। इस मौके पर अपर मंडल रेल प्रबंधक (परिचालन) अमित सेंगर, अपर मंडल रेल प्रबंधक (परिचालन) दिनेश वर्मा, वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक नवीन दीक्षित, वरिष्ठ मंडल यांत्रिक अभियंता करुणेश श्रीवास्तव, वरिष्ठ मंडल सिग्नल एवं दूरसंचार इंजीनियर अमित गोयल, वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक शशिकांत त्रिपाठी, वरिष्ठ मंडल विद्युत इंजीनियर (परिचालन) योगेश कुमार सिंह, वरिष्ठ मंडल विद्युत इंजीनियर रघुनाथ सिंह, मंडल अभियंता सुधीर कुमार, स्टेशन डायरेक्टर नीरज भटनागर मौजूद रहे।
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