अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। चौराहों पर ट्रैफिक सिग्नल के लिए स्मार्ट सिटी लिमिटेड ने रडार सिस्टम लागू कर दिया है। यानी कि जिस मार्ग पर वाहनों की कतार लंबी होगी, वहां ज्यादा समय तक हरी बत्ती जलाकर चौराहे/तिराहे से गाड़ियों को गुजरने दिया जाएगा। जिस लेन पर कम वाहन होंगे, वहां देर तक लाल बत्ती जलेगी। अब कम से कम 10 सेकंड और अधिकतम एक मिनट तक बत्ती जलेगी।
180 करोड़ की लागत से 2022 में इंटीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर (आईसीसीसी) का निर्माण कराया गया है। आईसीसीसी से शहर भर के करीब तीन हजार सीसीटीवी कैमरे जुड़े हैं। चौराहों पर ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने पर चालान के लिए भी कई कैमरे लगे हैं। इसके अलावा, ट्रैफिक सिग्नल का संचालन भी आईसीसीसी के जरिये होता है।
हालांकि, अब तक चित्रा चौराहे पर ही ट्रैफिक सिग्नल संचालित था मगर शुक्रवार से इलाइट चौराहे और इलाहाबाद चौराहे पर भी सिग्नल शुरू कर दिया गया है। चूंकि, सिग्नल की वजह से जाम भी लगता है। ऐसे में स्मार्ट सिटी लिमिटेड ने रडार सिस्टम लागू कर दिया है। स्मार्ट सिटी लिमिटेड के सीईओ सत्य प्रकाश ने बताया कि ट्रैफिक के मद्देनजर रडार सिस्टम ऑटोमेटिक ही लाल और हरी बत्ती जलाता रहेगा।
दिनभर जाम से जूझते रहे लोग, अतिक्रमण भी बढ़ा रहा मुसीबत
ट्रैफिक सिग्नल सिस्टम लागू होने के दूसरे दिन इलाइट चौराहे पर लोगों को दिनभर जाम की समस्या से जूझना पड़ा। ऐसे में कई लोग रूट बदलकर दूसरे रास्ते से गए। हर चौराहे पर लेफ्ट टर्न यानी बाएं मुड़ने के लिए सड़क पर पट्टी बनी हुई है मगर चौराहे पर लाल बत्ती होते ही वाहन इस पट्टी के अंदर भी खड़े हो जाते हैं। बाएं मुड़ने के लिए हरी बत्ती जलती रहती है मगर रास्ता न मिल पाने से वाहन खड़े रहते हैं। ऐसे में जाम बढ़ता जाता है। दूसरी तरफ, इलाइट चौराहे के आसपास दुकानों के बाहर अतिक्रमण कर लोग ठेला आदि खड़े कर रखे हैं। दुकानों के बाहर भी वाहन खड़े होने, बोर्ड रखे होने आदि कारणों से सड़क संकरी होने से भी जाम लग रहा है।