फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जब धरती पर धर्म की हानि होती है, तब भगवान अवतरित होते : प्रभुदयाल

विज्ञापन
विज्ञापन
मोंठ। तहसील के ग्राम पंचायत लुधियाई के पुरवापुरा चिरगांव में विराजमान प्राचीन हनुमान मंदिर पर कथाव्यास प्रभुदयाल शास्त्री ने श्रीमद् भागवत कथा सुनाई। कथा में शास्त्री द्वारा बताया गया कि हिंदू पंचांग के अनुसार कृष्ण ने भाद्रपद के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि, रोहिणी नक्षत्र में जन्म लिया था। भागवत पुराण के अनुसार विष्णु अवतार में उन्होंने चंद्रदेव को वचन दिया था कि वे उनके प्रकाश में आधी रात को ही जन्म लेंगे। श्रीकृष्ण चंद्रवंशी हैं इसलिए चंद्रदेव को उनका पूर्वज माना जाता है और कृष्ण जन्म लीला बताते हुए कहा कि जब अत्याचारी कंस के पापों से धरती डोलने लगी तो भगवान कृष्ण को अवतरित होना पड़ा। सात संतानों के बाद जब देवकी गर्भवती हुई, तो उसे अपनी इस संतान की मृत्यु का भय सता रहा था। भगवान की लीला वे स्वयं ही समझ सकते हैं। भगवान कृष्ण के जन्म लेते ही जेल के सभी बंधन टूट गए और भगवान श्रीकृष्ण गोकुल पहुंच गए। शास्त्री ने कहा कि जब-जब धरती पर धर्म की हानि होती है, तब-तब भगवान धरती पर अवतरित होते हैं। जैसे ही कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण का जन्म हुआ पूरा पंडाल जयकारों से गूंजने लगा।
विज्ञापन




श्रीकृष्ण जन्म उत्सव पर नंद के आनंद भयो जय कन्हैयालाल की भजन प्रस्तुत किया तो श्रद्धालु भक्ति में लीन होकर जमकर झूमे। इस अवसर पर कथा परीक्षित सुमन देवी, राजेंद्र सिंह उर्फ गम्मू यादव, अतर सिंह यादव, लक्ष्मण यादव, प्रताप सिंह, उदय यादव, रामसेवक यादव, चंद्रशेखर यादव, नीतेश प्रधान मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें