झांसी/ गुरसराय। गरौठा विधानसभा का अधिकांश इलाका ग्रामीण है लेकिन, यहां के दर्जनों इलाकों में अभी तक पेयजल समेत खेती के लिए भी पानी नहीं है। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान उनसे इस समस्या को दूर कराने का वादा किया गया था लेकिन, आज तक समस्या जस की तस है।
इट्टौरा, विट्टौरा, रानापुरा, बिजौरा, हैवतपुरा, नुनार, चौकरी, सिर्वो, चंद्रपुरा, करनपुरा, मढ़ा, मढ़ैईयन, टोड़ी, आमली, भगवंतपुरा, शीला, लखावती, भदरवारा, देवरी, ठर्रो, प्रतापपुरा, गोकुल, पारा, खमा, कुडरी समेत दर्जनों इलाकों में लोग पानी, बिजली एवं सड़क समस्या से परेशान हैं। यहां न खेतों में पानी है न, पीने का। ग्रामीणों का कहना है चुनाव के दौरान इस समस्या को दूर कराने के तमाम वायदे हुए। आज तक समाधान नहीं हुआ। बामौर ब्लॉक मुख्यालय में लगा नलकूप वर्षों से खराब है। इसे ठीक कराने की कई बार गुहार लगाई गई। सुनवाई नहीं हुई। पीने के पानी के लिए सिर्फ हैंडपंप सहारा है। खराब हो जाने पर काफी दूर से पीने का पानी लाना पड़ता है। देवरी गांव में पिछले माह बिजली के तार चोरी हो गए। उसके बाद यहां तार बिछाए ही नहीं गए। इन इलाके में ग्रामीण अंधेरे में ही रहने को मजबूर हैं। यहां नलकूप, हैंडपंप, सड़क दुरुस्त कराने की कई बार विधायक से मांग की गई लेकिन, विधायक ने गंभीरता नहीं दिखाई।
- चुनाव के समय तमाम वादे किए जाते हैं। पूरा कोई नहीं होता। देवरी गांव में बिजली के तार चोरी हो गए। आज तक यह तार नहीं जुड़ा। लोग कई महीने में अंधेरे में रह रहे हैं। पीने के लिए पानी के लिए हम लोग परेशान रहते हैं।
सुम्मेर अहिरवार
- इलाके में सिंचाई की सुविधा नहीं है। गोकुलपारा गांव में पीने का पानी भी नहीं मिल रहा है। चुनाव में हमसे इस समस्या को दूर कराने का वायदा किया गया था
दीपेंद्र सिंह
- आसपास के डेढ़ दर्जन गांव सिर्फ मानसूनी बारिश पर निर्भर हैं। यहां कोई नहर नहीं है। तालाबों की भी खुदाई नहीं कराई गई।
सीताराम
- चुनाव के दौरान बड़वार नहर को तालाब बांध से जोड़ने का वायदा किया गया था। यह काम आज तक नहीं हो सका। यह इलाका आज तक असिचिंत ही रह गया। पीने का पानी भी नहीं मिलता।
बृजपाल सिंह रानापुरा
- राजकीय नलकूप संख्या 4 पिछले कई साल से खराब है। इसके ठीक होने से हम लोगों के खेतों को पानी मिल सकता है। विधायक से कई बार शिकायत की गई है लेकिन, आज तक यह नलकूप ठीक नहीं हुआ।
मान सिंह चौहान
- पूरे बामौर ब्लॉक में सिंचाई की किल्लत है। चुनाव के दौरान खेतों तक पानी पहुंचा देने के वायदे हुए। किसानों ने वोट भी पानी के लिए दिए लेकिन, पानी नहीं पहुंचा।
गोपाल सिंह
- हम लोगों से नलकूप लगवाने का वायदा किया गया था लेकिन, इलाके में अभी तक इंतजाम नहीं कराया गया। किसान पानी न मिलने से परेशान हैं।
रज्जन
बामौर में अपनी बदहाली एवं रीबोर की इंतजार में लगभग 12 वर्ष से बाट जोह रहा
नलकूप
अतिक्त्रस्मण की चपेट में गुरसराय का धनाई तालाब
देवरी गांव में विजली के खम्भों से तीसरी लाईन गायब
देवरी में सड़क पर डामरीकरण का इंतजार करती सड़क
85 करोड़ की स्वीकृत कराई पेयजल योजना, सड़कों का भी बिछाया जाल
विधायक जवाहर लाल राजपूत का कहना है कि पूरा विधानसभा इलाके में किसान पानी न मिलने से परेशान थे। उनके चुनाव जीतने के बाद इलाके में 85 करोड़ रुपये की पेयजल योजना स्वीकृत कराई। इस काम से विधानसभा के कई इलाकों में पानी की समस्या हमेशा के लिए खत्म हो जाएगी। खेतों तक पानी पहुंचाने के लिए भसनेह झील तक पोषक नहर बनवाई गई। इसकी मदद से सूखाग्रस्त रहने वाले 60 गांवों को सिंचाई का पानी मिलना तय हो गया है। कई तालाब ऐसे थे, जो खत्म हो गए। उनका जीर्णोद्घार कराया। इन तालाबों से भी इलाके को पानी मिलना शुरू हो गया। कई इलाके ऐसे थे जहां सड़क ही नहीं थी। विधायक निधि, बुंदेलखंड विकास निधि एवं पीडब्ल्यूडी की मदद से मैंने इनका निर्माण कराया। अब अधिकांश इलाकों तक सड़कें तैयार हो गई हैं। विधायक के मुताबिक चिरगांव से गुरसराय गरौठा सड़क चौड़ीकरण, मोंठ-भांडेर सड़क, मोंठ-समथर, सिकंदरा-समथर-दबोह, खडैनी-बामौर-गड़बई सड़क का निर्माण हुआ। समथर की सड़क करीब दो दशक से खराब पड़ी थी। यह मुख्य मार्ग है। मैंने कोशिश करके इसे बनवाया। गरौठा से मोती कटरा संपर्क मार्ग, एरच एवं गुरसराय में आईपीडीएस योजना के जरिस सुंदरीकरण कार्य कराया। सौभाग्य योजना के जरिए गांव में निशुल्क विद्युत कनेक्शन दिलवाए। डिफेंस कॉरीडोर के साथ ही सोलर प्लांट को स्वीकृत कराया। सोलर प्लांट लगने से यहां रोजगार भी बढ़ेगा।